एक मां की दिलचस्प कहानी, पढ़कर आप भी सेल्यूट करेंगे। बेटी को ट्रेनिंग दिलाने निकली थी, खुद भी चैम्पियन बन गई। अब दोनों दुनिया जीतने निकली हैं।
विज्ञापन
2 of 7
ताइक्वांडो चैम्पियन एक मां, पंचकूला की अमिता मरवाहा
ये कहानी है, पंचकूला सेक्टर 4 निवासी अमिता मरवाहा की। वे और उनकी बेटी हिमांशी ताइक्वांडो चैम्पियन हैं और दोनों का चयन बैंकाक में होने वाली छठी तिराक ताइक्वांडो इंटरनेशनल चैंपियनशिप के लिए हुआ है। इससे पहले वे दोनों एक इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में देश का परचम लहरा चुकी हैं।
विज्ञापन
3 of 7
ताइक्वांडो चैम्पियन एक मां, पंचकूला की अमिता मरवाहा
चैंपियनशिप 22 और 23 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी। इसके लिए ट्राइसिटी से सिर्फ इन्हीं दो खिलाड़ियों चयन किया गया है। जबकि हरियाणा से इन्हें मिलाकर कुल चार खिलाड़ी चैंपियनशिप का हिस्सा बनेंगे। अमिता का सीनियर आयु वर्ग में और हिमांशी का जूनियर आयु वर्ग में चयन हुआ है।
4 of 7
ताइक्वांडो चैम्पियन एक मां, पंचकूला की अमिता मरवाहा
चैंपियनशिप जॉन पॉल टू स्पोर्ट्स सेंटर एजंप्शन विश्व विद्यालय स्वर्ण भूमि कैंपस बैंकाक में आयोजित की जाएगी। इस में भारत, ईरान, इराक, हांगकांग इंडोनेशिया, शिंगापुर, नेपाल, भूटान के देश शामिल होंगे।
विज्ञापन
5 of 7
ताइक्वांडो चैम्पियन एक मां, पंचकूला की अमिता मरवाहा
इस बारे में बात करते हुए अमिता ने बताया कि अब तक वह तीन इंटरनेशनल चैंपियनशिप खेल चुकी हैं। वहीं हिमांशी दो इंटरनेशनल गेम्स खेल चुकी हैं। अमिता ने कुल 30 मेडल हासिल किए हैं। हिमांशी ने 25 मेडल हासिल किए हैं।
विज्ञापन
6 of 7
ताइक्वांडो चैम्पियन एक मां, पंचकूला की अमिता मरवाहा
अमिता ने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने अपनी दो बेटियों हिमांशी व ईशानी को सेल्फ डिफेंस क्लास में एडमिशन दिलवाया था। उन्हें सीखते हुए देखते-देखते मुझे भी शौक हो गया और एक साल बाद मैं भी वहीं बेटियों के साथ ट्रेनिंग लेने लगीं।
ताइक्वांडो चैम्पियन एक मां, पंचकूला की अमिता मरवाहा
अमिता ने बताया कि अब उनका लक्ष्य इस चैंपियनशिप को जीतना है। जिसके के लिए मां और बेटी दोनों सुबह एक घंटे रनिंग करती हैं। उसके बाद डेढ़ घंटे जिम में एक्सरसाइज। उसके बाद शाम को दो घंटे ताइक्वांडो मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस।