देश भर में 500 व 1000 हजार के नोट को बंद किए जाने का असर दिखना शुरू हो गया। नोटबंदी के कारण खुदरा कारोबार ठप होकर रह गया है। खुदरा कारोबार करने वालों के पास ग्राहक ही नहीं आ रहे हैं। अगर कुछ ग्राहक आ रहे हैं तो वह भी 2 हजार का नोट लेकर आ रहे हैं। इसके चलते इन ग्राहकों को दुकानदारों को वापस भेजना पड़ रहा है।
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नोटबंदी का असर
करियाना का खुदरा कारोबार करने वाले रमेश चंदर का कहना है कि लोग उस चीज की ही खरीद कर रहे हैं, जिसकी अब घर में बहुत जरूरत है। मात्र खाने का सामान ही बिक रहा है। कास्मेटिक की सेल लगभग ठप हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी 100-200 के सामान के पीछे 2 हजार का नोट देने पर हो रही है। लोग 2 हजार को नोट देकर 200 का सामान लेते हैं। हमारे पास उनको देने के लिए बाकी रुपये नही हैं। इससे या तो ग्राहक वापस जा रहे हैं या फिर उधार सामान जा रहा है।
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नोटबंदी का असर
- फोटो : ani
गगनदीप इलेक्ट्रिक के गगन कालड़ा का कहना है कि नोटबंदी के कारण 80 प्रतिशत काम ठप हो गया है। लग्जरी प्रोडक्ट की सेल बिल्कुल खत्म हो गई है। अगर किसी के घर का बल्ब खराब हो जाता है तो वग ही मात्र बल्ब खरीदने के लिए आ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोग 50 रुपये की चीज खरीदने पर 2000 का नोट दे रहे हैं। हम उनको बाकी रुपये देने में असमर्थ हैं।
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नोटबंदी का असर
सब्जी का खुदरा काम करने वाले जगदीप लाली का कहना है कि लोग पहले की तरह खरीदारी नही कर रहे हैं। लोग उन्हें 500 का नोट दे रहे हैं। इस नोट को न लेने पर सब्जी की खरीद भी मात्र 20-50 रुपये तक सीमित होकर रह गई है। हम भी नए नोट न होने के कारण ज्यादा सब्जी नही मंगवा रहे हैं। गुजार करना मुश्किल हो गया है।
आहलुवालिया इलेक्ट्रानिक के मालिक बलजीत सिंह आहलुवालिया का कहना है कि नोटबंदी ने काम ठप कर दिया है। बाजार में 5 प्रतिशत काम रह गया है। लग्जरी प्रोडक्ट का काम तो 95 प्रतिशत ही ठप हो गया है। लोग टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन आदि खरीदना तो दूर इस बारे में सोच भी नही रहे हैं। सरकार के इस कदम से बाजार का काम 6 माह तक ठीक नहीं हो पाऐगा। सरकार का यह फैसला जल्दबाजी में लिया है, जिससे लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।