अब कोमल छह महीने भारत में रहती हैं, बाकी महीने देश से बाहर। उनके दो छोटे बेटे हैं। व्यस्त होने के बावजूद उनके बेटे इस बात को समझते हैं कि उनकी मां क्या काम करती हैं और उनकी विश्व में क्या अहमियत है। वे पहली भारतीय महिला हैं, जिन्हें जापान की फोर्ब्स पत्रिका ने कवर किया है। वे बताती हैं कि इस सफर में उन्हें कई बार निराशा, मायूसी और फेल होना पड़ा लेकिन वे अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटीं। कोमल कहती हैं कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में काम करने और इनोवेशन की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं।