पंजाब दौरे पर आए राहुल गांधी रात को जिस हसरत के साथ चंडीगढ़ पहुंचे, वह अधूरी रह गई और इस अधूरी हसरत को लेकर वे दिल्ली लौट गए। आखिर क्या हसरत थी उनके दिल में?
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दिल में एक अधूरी हसरत लेकर दिल्ली लौटे राहुल
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दरअसल, राहुल गांधी चंडीगढ़ में सुखना लेक के आसपास, लेकिन यहां उन्हें उनकी पसंदीदा जगह यूटी गेस्ट हाउस के बजाय सेक्टर-28 स्थित हिमाचल भवन में ठहरना पड़ा। हालांकि उनकी हिमाचल भवन में पहले से ही बुकिंग थी, लेकिन वे यूटी गेस्ट हाउस में ठहरना चाहते थे।
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सूत्रों से पता चला कि मंगलवार रात जब राहुल गांधी चंडीगढ़ पहुंचे तो उनका काफिला पहले यूटी गेस्ट हाउस की तरफ मोड़ लिया गया था। यहां पहुंचने से पहले ही उन्हें जानकारी मिली कि यूटी गेस्ट हाउस में बुकिंग ज्यादा है और सिक्योरिटी के चलते उनकी यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं हो सकेगी।
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हालांकि सूत्रों ने बताया कि यूटी गेस्ट हाउस मैनेजमेंट उनके ठहरने के लिए व्यवस्था करने को तैयार था। इसके बाद राहुल गांधी को अपना काफिला वापस हिमाचल भवन की ओर मोड़ना पड़ा।
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बता दें कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से राहुल गांधी के लिए हिमाचल भवन में पहले ही बुकिंग करवाई जा चुकी थी। राहुल गांधी पहले भी कई बार चंडीगढ़ आए हैं और इस दौरान वे यूटी गेस्ट हाउस में ही ठहरते रहे हैं।
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राहुल गांधी के चंडीगढ़ आने पर लोकल लीडर्स की भी उनसे मिलने की हसरत पूरी नहीं हो सकी। दरअसल राहुल गांधी चंडीगढ़ काफी देरी से पहुंचे थे और लोकल कांग्रेसी लीडर्स को तो उनके आने की सूचना भी नहीं थी। लिहाजा कोई भी लोकल कांग्रेसी लीडर उनसे नहीं मिल सका।
मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ संघर्ष को पंजाब तक पहुंचाने के लिए राहुल गांधी सरहिंद, मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना की अनाज मंडियों में किसानों से मिलने आए थे। खास बात ये रही कि वे दिल्ली से अंबाला तक सचखंड एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर करके आए थे।