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भारतीय वायुसेना में आज विधिवत रूप से शामिल हुए पांच राफेल विमान, यहां देखिए पहली तस्वीरें

Fri, 11 Sep 2020 09:04 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
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राफेल एयरक्राफ्ट - फोटो : वायुसेना ट्विटर
भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास में 10 सिंतबर एक अध्याय के रूप में जुड़ गया है। इसी दिन औपचारिक रूप से 4.5 पीढ़ी के घातक लड़ाकू विमान राफेल को औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इस स्वर्णिम पलों के गवाह फ्रांस के मेहमान भी बने। कार्यक्रम में भाग लेने विशेष रूप से फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले राफेल के नए घर अंबाला एयरफोर्स स्टेशन अपने दल-बल के साथ पहुंचीं। उनके साथ भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया समेत अन्य भारतीय मेहमान भी इस पल के साक्षी बने।
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राफेल एयरक्राफ्ट - फोटो : वायुसेना ट्विटर
सभी मेहमानों को दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन से विशेष विमान सुपर हरक्यूलिस के जरिए अंबाला लाया गया। अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी ने गर्मजोशी के साथ सभी मेहमानों का स्वागत किया। उसके बाद सभी मेहमानों को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के एक विशाल हैंगर में ले जाया गया। जहां राफेल का औपचारिक प्रवेशन समारोह की रस्में पूरी की गई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले के साथ रिमोर्ट के जरिए राफेल के प्रवेशन समारोह का उद्घाटन किया।
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राफेल एयरक्राफ्ट - फोटो : वायुसेना ट्विटर
मास्क से ढके थे चेहरे, आंखों से झलक रहा था उत्साह
उत्साह से लबरेज सभी मेहमानों के चेहरे भले ही मास्क से ढके थे, मगर राफेल को भारतीय वायुसेना के सुपुर्द करते उनके उत्साह को उनकी आंखें बयां कर रही थीं। प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज का उत्साह का अंदाजा तो इस बात से लगाया जा सकता है कि चोटिल होने के बाद विज व्हील चेयर पर ही इस समरोह में भाग लेने पहुंच गए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विज का कुशलक्षेम पूछा और राफेल आगमन पर विज की बधाई स्वीकार की।

धर्मगुरुओं ने की पूजा, मांगी अमन चैन की दुआ

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राफेल एयरक्राफ्ट - फोटो : वायुसेना ट्विटर
राफेल के प्रवेशन समारोह की शुरुआत चारों धर्मों के धर्म गुरुओं ने पूजा-अर्चना से की। इस दौरान उन्होंने अमन चैन की दुआएं भी मांगी। सबसे पहले मंत्रोच्चारण के साथ राफेल की पूजा अर्चना शुरू की गई। इस दौरान हिंदू रीति रिवाज के अनुसार राफेल विमान की पूजा की गई। उसके बाद मुस्लिम रिवाज के तहत राफेल के लिए दुआ मांगी गई। इस दौरान मौलाना साहब ने प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री समेत देश के सभी सैन्य बलों को ताकतवर बनाने की दुआ भी मांगी। जबकि दुश्मनों के छक्के छुड़ाने की भी दुआ मांगी गई। 
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राफेल एयरक्राफ्ट - फोटो : वायुसेना ट्विटर
इसके बाद सिखपंथ के धर्मगुरु ने राफेल के सामने ‘जो बोले सो निहाल सत श्री आकाल...’ का नारा लगाते हुए अरदास शुरू की गई। उन्होंने इस दौरान दुश्मन पर फतेह कर भारत को बुलंद करने की अरदास वाहेगुरु से की। इसी कड़ी आखिर में ईसाई धर्म के धर्मगुरु ने जीसस से प्रेयर शुरू की। उन्होंने यीशु से भारत को दुनिया में सबसे ताकतवर बनाने की और सशस्त्र बलों का हौसला व हिम्मत को बरकरार रखने की प्रार्थना। उन्होंने देश व दुनिया में अमन व शांति कायम रखने की भी दुआ मांगी।

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राफेल विमान - फोटो : अमर उजाला
राफेल, तेजस, ध्रुव के करतबों ने जमकर बटोरी तालियां
इस कड़ी में शुरू हुआ एयर डिस्पले। सबसे पहले पांचों राफेल विमानों ने आसमान में अपने हैरतअंगेज करतब दिखाए। आसमान में इन राफेल विमानों की फॉरमेशन ने सभी को चकित कर दिया। फ्रांस में बने राफेल के एयर डिस्पले के बाद मेक इन इंडिया तेजस ने ऐसे जांबाजी और गर्जना के साथ आसमान को छुआ कि एक बारगी तो दर्शकों का कलेजा मुंह तक आ गया। आसमान में राफेल और तेजस की गर्जना थी तो जमीन पर तालियों की गड़गड़ाहट पायलटों का हौसला बढ़ा रही थी। इसके बाद सारंग एयरोबैटिक टीम के चार ध्रुव हेलीकाप्टरों ने अपनी फॉरमेशन शो से सभी को हैरत में डाले रखा। यह प्रस्तुति भी वाकई काबिलेतारीफ रही।
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रफाल विमान। - फोटो : अमर उजाला
कुछ अलग था ‘सेल्फी विद फाइफ एंड राफेल’ का क्रेज 
राफेल की ये स्क्वॉड्रन यहां गोल्डन एरो को दी गई है। ये एयरफोर्स की दशकों पुरानी स्क्वॉड्रन है, जिसे खासतौर पर राफेल के लिए करीब दस साल बाद फिर से पुर्नजीवित किया गया है। ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह इसके कमांडिंग अफसर हैं। इन्हीं की अगुवाई में फ्रांस से इन पांचों राफेल विमानों को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन लाया गया था। 

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राफेल विमान। - फोटो : अमर उजाला
हरकीरत सिंह को इसी उपलब्धि के लिए राफेल के प्रवेशन समरोह में शौर्य चक्र से भी नवाजा। इसकी खुशी इस पूरी स्क्वॉड्रन के तमाम राफेल पॉयलटों व अन्य सदस्यों में भी इस कद्र देखी गई कि सभी पॉयलटों ने इस पल को यादगार बनाने के लिए अपनी पत्नियों के साथ राफेल के समक्ष खासे उत्साह से फोटोग्राफी करवाई। इन जांबाजों में ‘सेल्फी विद फाइफ एंड राफेल’ का क्रेज भी अलग ही दिखा।
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इस तरह पाक, चीन को माकूल जवाब देने की ताकत रखता है राफेल
  • डॉगफाइट में माइटी ड्रैगन, पाक थंडर से इक्कीस है राफेल
  • राफेल चीन के चेंगदू जे-20 और पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर विमानों से ज्यादा शक्तिशाली
  • डॉगफाइट (आसमान में दो लड़ाकू विमानों की लड़ाई) हो या दोडगिंग ( आसमान में चकमा देकर निकलना) दोनों ही सूरतों में राफेल पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर और चीन के माइटी ड्रैगन नाम से मशहूर चेंगदू जे-20 पर भारी पड़ेगा
  • राफेल की कई ऑपरेशनल योग्यताएं चीन और पाकिस्तान के इन नए जनरेशन के लड़ाकू विमानों से अधिक
  • पाकिस्तान का जेएफ-17 थंडर विमान भले ही नई जनरेशन का विमान माना जाता है। मगर राफेल एक हल्का, सिंगल इंजन वाला मल्टीरोल लड़ाकू विमान है।
  • जबकि पाकिस्तान के इस विमान को अभी किसी बड़े ऑपरेशन का अनुभव नहीं।
  • जेएफ-17 थंडर की चढ़ाई दर 59 हजार फीट है। जबकि राफेल की चढ़ाई दर 60 हजार फीट है। चीन के चेंगदू जे-20 की चढ़ाई दर 5984 2.52 फीट है।
  • वैसे तो राफेल की ऑपरेशनल रेंज 3700 किलोमीटर बताई गई है। मगर हवा में ही राफेल को तेल मिल जाए तो इसकी ऑपरेशनल रेंज बहुत ज्यादा बढ़ सकती है। दूसरी ओर, पाकिस्तान के थंडर चीन के माइटी ड्रैगन विमान की ऑपरेशनल रेंज 2000 से 2037 किलोमीटर है।
  • इन्हीं खूबियों और युद्ध ऑपरेशंस में मल्टीरोल अपनाने वाला यह राफेल कई मायनों में अब चीन और पाकिस्तान के नई जेनरेशन के लड़ाकू विमानों को मुकम्मल जवाब देने को सक्षम है।
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