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फिर सुर्खियों में राधे मां, उसकी असलियत जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे

Wed, 09 Nov 2016 10:16 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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राधे मां
जूते पहनकर हरकी पैड़ी आना हो या कल्कि महोत्सव में नाचना। अकसर विवादों में रहने वाली राधे मां कौन हैं और कहां से? आइए बताते हैं आपको।
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राधे मां
राधे मां एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, वो भी मंच पर साधु संतों के बीच नाचने को लेकर। उत्तरप्रदेश के संभल में आयोजित श्री कल्कि महोत्सव में जब पॉप सिंगर राम शंकर ने जब रमा शंकर ने यारो सब दुआ करो मिल के फरियाद करो गीत सुनाया तो साधु संत के अलावा राधे मां भी झूम उठीं। वे अपनी सीट से खड़ी होकर मंच पर ही थिरकने लगीं। इतना ही नहीं, मंच से नीचे उतरकर अपने भक्तों के बीच में भी वे खूब नाचीं।
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हरिद्वार में राधे मां - फोटो : amar ujala
राधे मां, एक सीधी सी 10वीं पास पंजाबन लड़की थी। 18 साल की उम्र में शादी हो गई थी। पंजाब के एक हलवाई के बेटे की बहू थी। राधे मां उर्फ गुड़िया उर्फ सुखविंदर कौर का जन्म 1964 में गांव दोरांगला (गुरदासपुर) में हुआ था। जब सुखविंदर कौर 18 साल की थी तो उनका विवाह करम सिंह हलवाई के बेटे मोहन सिंह के साथ हो गया। मोहन सिंह ने कुछ समय मिठाई की दुकान की और फिर दोहा कतर चला गया।

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हरियाणा के सोनीपत में चौंकी लगाती राधे मां - फोटो : अमर उजाला
पति का विदेश जाना राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इस दौरान उसने कपड़े भी सिले और जल्द ही अध्यात्म की दिशा में मुड़ गई। 23 साल की उम्र में सुखविंदर मुकेरियां में डेरा परमहंस बाग के महंत रामाधीन दास की शिष्या बन गई। महंत ने उसे आध्यात्मिक दीक्षा दी और ‘राधे मां’ के रूप में नया नाम दिया। आज उनके लाखों फोलोअर्स हैं। वे अपने अनोखे पहरावे को लेकर चर्चा में रहती हैं।
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हरिद्वार में राधे मां - फोटो : amar ujala
नया नाम मिलने के बाद वह सत्संग करने लगी और खानपुर में मां भगवती मंदिर राधे मां का आध्यात्मिक केंद्र बन गया। लोग कहते हैं कि इस तरह के सत्संग के दौरान वह अपने भक्तों को वरदान देती थी जिससे उनके संकट दूर रहते थे। ऐसा ही एक आशीर्वाद राधे मां ने मुंबई के एक भक्त को दिया और उसका कोई गंभीर मसला हल हो गया।
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हरियाणा के सोनीपत में चौंकी लगाती राधे मां - फोटो : अमर उजाला
वही भक्त राधे मां को मुंबई ले गया। इसके बाद वह नियमित रूप से मुकेरियां आती रहीं। बाद में वह मुंबई में अपनी आध्यात्मिक बैठकों में व्यस्त हो गई और पति और दो बेटों के साथ मुंबई में ही रहना शुरू कर दिया। तब से राधे मां का मुकेरियां आना कम हो गया। अंतिम बार वह पिछले साल राम नवमी पर मुकेरियां आई थीं।
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हरियाणा के सोनीपत में चौंकी लगाती राधे मां - फोटो : अमर उजाला
मुकेरियां के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर खानपुर में राधे मां का आध्यात्मिक निवास मां भगवती मंदिर है। मंदिर में उनकी बहन अपने परिवार के साथ रहती हैं और मंदिर की देखरेख करती हैं। भक्तों के बीच सुखविंदर कौर के पति को पिता का दर्जा मिला हुआ है और उन्हें ‘डैडी जी’ कहा जाता है। राधे की बहन को भक्त ‘रज्जी मासी’ और उनके पति को ‘मासड़ जी’ कह कर संबोधित करते हैं।

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हरियाणा के सोनीपत में चौंकी लगाती राधे मां - फोटो : अमर उजाला
राधे मां की भाभी बलविंदर कौर की हत्या के मामले में उनके भाई और पिता को सजा भी हो चुकी है। बलविंदर कौर के भाई जगतार सिंह ने गांव नानोनंगल में पिछले साल आरोप लगाया था कि राधे मां के दो भाई और पिता ने उनकी बहन की हत्या की थी, जिन्होंने 10-10 साल की सजा काटी। एक बार राधे मां ने अपनी भाभी बलविंदर को इतना धमकाया था कि वह बेहोश ही गई थीं।

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हरिद्वार में राधे मां - फोटो : amar ujala
दो अगस्त, 2012 को जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधशानंद गिरी जी ने गुरु पूर्णिमा पर अनुष्ठानों के बीच राधे मां को महामंडलेश्वर की पदवी दी। इस अलंकरण समारोह को गुप्त रखा गया था और अखाड़े के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, महामंडलेश्वर पदवी मिलने के अगले ही दिन राधे मां मुंबई चली गई थीं। इसके बाद उन्हें पदवी दिए जाने पर कई सवाल उठे।

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हरियाणा के सोनीपत में चौंकी लगाती राधे मां - फोटो : अमर उजाला
जांच के लिए राधे मां के आध्यात्मिक गुरु स्वामी पंचनद के नेतृत्व में एक 11 सदस्यीय जांच समिति बनी। समिति ने राधे मां के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थानों पर जाकर जांच की। इसके बाद उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी से निलंबित कर दिया गया था। द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद  सरस्वती ने राधे मां को नासिक कुंभ मेले में औपचारिक ‘शाही स्नान’ में हिस्सा लेने से रोका।

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Radhe maa - फोटो : अमर उजाला
राधे मां अपने सत्संग के दौरान खुद को देवी दुर्गा की एक अवतार के तौर पर चित्रित करने के लिए वैसा ही वेश बनाती थी। इस पर विरोध के स्वर तेज होने लगे। 2003-04 में फगवाड़ा में एक हिंदू संगठन ने देवी दुर्गा की अवतार के रूप में राधे मां के चित्रण पर आपत्ति जताई और आंदोलन छेड़ा तो राधे मां को पर माफी मांगनी पड़ी थी।
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Radhe maa - फोटो : अमर उजाला
खुद को देवी बताने वाली राधे मां पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। वे अपने पुराने भक्त एमएम मिठाईवाला के मालिक मनमोहन गुप्ता के कारण भी चर्चा में आई। मोहन लाल ने उन पर बंगला हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया था। पुलिस में शिकायत दी गई, जिसकी जांच जारी है। अभी हाल ही में वे जूते पहनकर हरकी पैड़ी पर गंगा पूजा करने आ गईं।
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