फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pics: 8 महीने के बेटे ने पांव छुए, शहीद पति का चेहरा देख पत्नी बोली ऐसी बात, भावुक हुए सब

Sun, 17 Feb 2019 10:56 AM IST
खुशबू गोयल अमित मरवाहा, अमर उजाला, तरनतारन(पंजाब)
विज्ञापन
1 of 6
सुखजिंदर सिंह को अंतिम विदाई
8 महीने के बेटे ने पांव छूकर शहीद पिता को श्रद्धांजलि दी। वहीं पत्नी ने शहीद पति का चेहरा देखकर ऐसी बात कह दी, सुनकर मां का कलेजा फट गया और वह फूट-फूट कर रोने लगी, देखिए तस्वीरें।
विज्ञापन

2 of 6
सुखजिंदर सिंह को अंतिम विदाई
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवान सुखजिंदर सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर शहीद को श्रद्धांजलि देने लोग उमड़ पड़े। इस दौरान शहीद की मां और पत्नी की हालत देखकर हर आंख भीग गई। 8 महीने के बेटे को शहीद पिता का चेहरा दिखाया गया। वहीं पत्नी सरबजीत कौर ने कहा कि मुझे पति की शहादत पर गर्व है, लेकिन अब आर-पार की लड़ाई होनी चाहिए, तभी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आएगा।
विज्ञापन

3 of 6
सुखजिंदर सिंह को अंतिम विदाई
जानकारी के मुताबिक, सुखजिंदर सिंह को सात महीने पहले ही प्रमोशन मिला था। तरक्की मिलने के बाद घर में बेटे गुरजोत सिंह ने जन्म लिया था। पति को खोने वाली सरबजीत कौर को ढांढस बंधाने वाले सगे संबंधी भी फूट-फूट कर रो रहे थे। शहीद की फोटो हाथ में लिए मां हरभजन कौर बार बार कह रही थीं, ‘रब्बा कदों वेखांगी आपणे शेर पुत्तर नूं...रब्बा होर नहीं तां ऐस गुरजोत दे बारे ही कुझ सोच लैंदा।’

 

4 of 6
सुखजिंदर सिंह को अंतिम विदाई
गांव गंडीविंड (धत्तल) के लोग सुखजिंदर की कुर्बानी को आने वाली पीढ़ी लिए मिसाल करार दे रहे हैं। गांव में गदरी बाबा संता सिंह की यादगार बताती है कि यह गांव शहीदों का है। गांव की आबादी करीब 1300 है। इसमें से 40 युवा सेना और सीआरपीएफ में तैनात हैं। करीब 150 पूर्व सैनिक हैं। गांव के सरपंच अमरजीत सिंह कहते हैं कि गदरी बाबा संता सिंह की तरह सुखजिंदर सिंह का नाम भी आने वाली पीढ़ी याद रखेगी।

 
विज्ञापन

5 of 6
सुखजिंदर सिंह को अंतिम विदाई
वहीं शहीद की मां हरभजन कौर ने कहा कि उन्होंने अपने लाल को घर के गुजारे के लिए नहीं बल्कि देश की सेवा के लिए भेजा था। गुरजंट का कहना है कि भाई की शहादत ने मुझे बल दिया है। मैं भी सैनिक बनूंगा। घर के कोने में रो रही बहन बहन लखविंदर कौर बार-बार कह रही थी कि अपने लड़के की लोहड़ी मनाने के बाद ड्यूटी पर जाते समय भाई ने कहा था अबकी लौटूंगा तो तोहफा लेकर लौटूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सुखजिंदर सिंह को अंतिम विदाई
बता दें कि सुखजिंदर सिंह सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन में बतौर कांस्टेबल तैनात थे। 28 जनवरी को ही वह एक माह की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। सुखजिंदर की पत्नी सरबजीत कौर ने बताया कि शादी के सात साल बाद बड़ी मन्नत से बेटा हुआ था। जाते समय सुखजिंदर अपने आठ माह के बेटे गुरजोत सिंह को बार-बार चूम रहे थे। उनका छोटा भाई गुरजंट सिंह जंटा अपने पिता गुरमेल सिंह के साथ खेती करता है।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें