विवाद, तब शुरू हुआ, जब टीम इंसाफ के सदस्यों ने फिरोजपुर रोड पर केबल नेटवर्क के दफ्तर का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। इस कार्रवाई में दस पुलिस मुलाजिमों समेत 22 से अधिक लोग जख्मी हो गए। इस दौरान धक्कामुक्की और मारपीट में विधायक सिमरजीत सिंह बैंस समेत कई लोगों की पगड़ी उतर गई और कपड़े फट गया। वहीं इससे फिरोजपुर रोड पर यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ।
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लुधियाना में टीम इंसाफ पर लाठीचार्ज
- फोटो : amar ujala
इस उग्र प्रदर्शन को काबू करने में डीसीपी ध्रुमण निंबले और एडीसीपी परमजीत सिंह पन्नू समेत भारी पुलिस फोर्स को खूब पसीना बहाना पड़ा। धक्कामुक्की में कई पुलिस अधिकारी जमीन पर गिर गए। एडीसीपी क्राइम बलकार सिंह ने बताया कि विधायक सिमरजीत सिंह बैंस समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में पुलिस के दस मुलाजिमों को चोट आई हैं।
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केबल नेटवर्क की मनमर्जी के विरोध में टीम इंसाफ ने सोमवार को कंपनी के दफ्तर का घेराव करने का ऐलान कर रखा था। इसी कारण पुलिस ने सुबह से ही फिरोजपुर रोड पर बैरिकेटिंग लगा दी और केबल नेटवर्क के दफ्तर को भी पूरी तरह से सील कर दिया। सुबह करीब साढ़े 10 बजे टीम इंसाफ के सदस्य ग्रैंड वॉक के सामने जमा हो गए और धरना लगा दिया। दो तीन बार धरने से उठ कर टीम इंसाफ के सदस्यों ने बिल्डिंग के अंदर जाने का प्रयास किया।
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धरने का नेतृत्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस कर रहे थे। बैंस अपने साथियों के साथ बिल्डिंग के अंदर घुस गए, लेकिन पुलिस उनको पकड़ कर बाहर ले आई। इसी बीच लोगों ने फिर अंदर घुसने का प्रयास किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लोगों की तरफ से पत्थरबाजी हुई तो पुलिस ने लाठियां भांज कर सभी को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद ग्रैंड वाक के बाहर पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई।
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लाठीचार्ज में कुछ मीडिया कर्मियों को भी लाठियां लगीं और एक फोटो जर्नलिस्ट का कैमरा टूट गया। इस पर भड़के मीडिया कर्मियों ने ग्रैंड वाक के बाहर धरना लगा दिया। पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख के कार्रवाई करने का भरोसा मिलने के बाद ही धरना वापस लिया गया।
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ध्रुमण निंबले, डीसीपी ने बताया कि टीम इंसाफ की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाजत ली गई थी, लेकिन उनका प्रदर्शन उग्र हो गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। मुलाजिमों और महिला पुलिस मुलाजिमों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। दूसरी तरफ से पुलिस पर पत्थरबाजी की गई।
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उधर विधायक बलविंदर सिंह बैंस ने टीम इंसाफ पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है। बैंस ने कहा कि टीम इंसाफ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की रक्षा के लिए प्रदर्शन करने गई थी, लेकिन पुलिस ने महिलाओं और निहत्थे लोगों पर लाठियां भांजी। ग्रैंड वाक की पार्किंग में जाकर भी महिलाओं और लोगों को पीटा गया। पंजाब में लोकतंत्र की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि केबल माफिया पंजाब में पूरी तरह से हावी है। डिक्टेटरशिप चल रही है, लेकिन सच का मुंह बंद नहीं किया जा सकता।
लुधियाना में टीम इंसाफ पर लाठीचार्ज
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बैंस ने कहा कि लाठीचार्ज में महिलाओं समेत टीम इंसाफ के करीब 12 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें से तीन का सिविल अस्पताल और बाकी का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। भीड़ की ओर से की पत्थरबाजी पर बैंस ने कहा कि टीम इंसाफ के किसी सदस्य ने पत्थर नहीं चलाया। हो सकता है कि पुलिस के लोगों ने ही सिविल ड्रेस में माहौल खराब करने के लिए पत्थर चलाए हों।