पिता देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए, मां भी सेना का हिस्सा बन गई। अब बेटी ने जन्म लिया तो मां ने उसके लिए भी बड़ा फैसला ले लिया। जानिए क्या?
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शहीद कमांडो गुरसेवक सिंह के घर बेटी ने जन्म लिया
- फोटो : अमर उजाला
बात हो रही है, पठानकोट आतंकी हमले में शहीद हुए गरुड़ कमांडो गुरसेवक सिंह का। उनकी पत्नी जसप्रीत कौर ने शनिवार को प्यारी सी बेटी को जन्म दिया। इससे घर में खुशी और गर्व का माहौल बना हुआ है। शहीद गुरसेवक के मां-बाप तो इतने खुश हैं कि बच्ची को देखते ही उन्होंने बड़ा ऐलान कर डाला।
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शहीद गुरसेवक सिंह की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया
- फोटो : अमर उजाला
जसप्रीत ने कहा कि वे बेटी को देश को समर्पित करती हैं और ये भी सेना में जाएगी। शहीद गुरसेवक की मां ने कहा कि उनका बेटा लौट आया है। अब वे इसे भी देश के लिए तैयार करेंगी और सेना में भेजेंगी। गुरसेवक के पिता सुच्चा सिंह बोले कि गुरसेवक ने देश के लिए शहीद होकर परिवार का नाम रोशन किया है। अब उनका बेटा फिर से देश सेवा करने जाएगा और दुश्मनों के दांत खट्टे करेगा। उन्हें गुरसेवक पर गर्व है और अब ये नन्हीं पर भी उनका मान बढ़ाएगी।
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शहीद गुरसेवक सिंह की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया
- फोटो : अमर उजाला
सुच्चा सिंह ने अमर उजाला को बताया कि वे अपने शहीद बेटे की आखिरी निशानी को पाकर बहुत खुश है। उनके अनुसार इस बेटी के लिए भी ये सौभाग्य की बात है वे भविष्य को खुद को उस शहीद पिता की बेटी कहलाएगी, जिसने अपने की रक्षा के लिए आतंकियों से लोहा लेते हुए एक जांबाज तरीके से शहादत प्राप्त की। बच्ची के पैदा होने की सूचना मिलने के बाद से ही गांव गरनाला में भी खुशी का माहौल है।
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शहीद कमांडो गुरसेवक सिंह के घर बेटी ने जन्म लिया
- फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि उन्होंने देश के लिए अपना बेटा कुर्बान किया है, इसलिए उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और वे गुरसेवक की इस बेटी को भी उच्च शिक्षा दिलवाकर फौज में ही देश सेवा के लिए भेजने का पूरा प्रयास करेंगे। दादा सुच्चा सिंह के अनुसार उनके लिए बेटा और बेटी में तो कभी फर्क रहा ही नहीं, इसलिए वे अपनी इस पोती में भी अपने बेटे गुरसेवक की ही झलक देख रहे हैं।
शहीद कमांडो गुरसेवक सिंह के घर बेटी ने जन्म लिया
- फोटो : अमर उजाला
अंबाला के एक प्राइवेट अस्पताल ऑपरेशन के बाद गुरसेवक की पत्नी ने इस बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के आने से जहां गुरसेवक के परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं बच्ची के दादा सुच्चा सिंह और दादी अमरीक कौर फूले नहीं समा रहे हैं। गुरसेवक की पत्नी भी इस बच्ची को अपनी पति की इस आखिरी निशानी को सिने से लगाकर गौरवान्वित महसूस कर रही है।