आजादी के बाद पहली बार कपड़े पर कर लगाने के प्रस्ताव को लेकर कारोबारियों में जबरदस्त रोष है, देखिए तस्वीरें
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GST का विरोध
वीरवार को कारोबारी अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करके सड़कों पर उतरे। बंद में पंजाब की पचास हजार और लुधियाना की करीब दो हजार दुकानों के शटर डाउन रहे और ताले लटके रहे। इस दौरान भदौड़ हाउस स्थित एसी मार्केट के सामने धरना लगाया गया। यहां से लेकर घंटाघर तक रोष मार्च निकाल कर मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
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GST का विरोध
कारोबारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कपड़ा कर मुक्त नहीं किया गया तो वे अपनी दुकानों को ताले लगा कर चाबियां सरकार को सौंप देंगे। कारोबारियों का तर्क है कि आजादी के बाद से अब तक कपड़े पर कभी टैक्स नहीं लगा। मोदी सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कपड़े को पांच फीसदी टैक्स की स्लैब में डाल दिया है।
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GST का विरोध
शहर के सभी कपड़ा कारोबारी वीरवार सुबह एसी मार्केट के सामने जमा हुए। वहां से हाथ में तख्तियां और बैनर थाम कर माता रानी चौक होते हुए घंटाघर तक गए। इसके बाद फिर से कारोबारी धरना स्थल पर पहुंच गए। इस धरने को पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल ने भी अपना समर्थन दिया।
पंजाब रिटेल एंड होलसेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन के कार्यवाहक महासचिव कंवलदीप सिंह का कहना है कि गांवों एवं कस्बों में छोटे छोटे कारोबारी जीएसटी की पेचिदगियों को समझने में असमर्थ हैं। दूसरे कपड़े से संबंधित जॉब वर्करों का भी कामकाज ठप हो जाएगा। ऐसे में बेरोजगारी बढ़ेगी और कारोबार सुस्त हो जाएगा।