देश के नामी ओलंपियन पहलवान ने संन्यास लेने का ऐलान किया है और इस खबर ने खेल जगत में खलबली मचा दी है। वहीं इस घोषणा की वजह भी पता चल गई है।
विज्ञापन
2 of 8
इंटरनेशनल रेसरल योगेश्वर दत्त
- फोटो : फाइल फोटो
लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त जल्द ही कुश्ती से संन्यास लेने वाले हैं। ऑस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में वह आखिरी बार कुश्ती लड़ते दिखाई देंगे। योगेश्वर ने यह घोषणा करते हुए कहा है कि अब वह खुद कुश्ती लड़ने की जगह देश के लिए नए पहलवान तैयार करेंगे।
विज्ञापन
3 of 8
योेगेश्वर दत्त
- फोटो : getty
हालांकि उनकी इच्छा है कि वह स्वर्ण पदक के साथ अपने कुश्ती कॅरियर से संन्यास लें। इसके लिए ही वह लगातार प्रैक्टिस कर रहें हैं, जिससे देश के लिए एक और स्वर्ण पदक जीतकर कुश्ती को अलविदा कह सकें। योगेश्वर दत्त ने संन्यास लेने का फैसला उम्र बढ़ने के साथ ही चोट से जूझने के कारण लिया है।
4 of 8
ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
ओलंपिक में एक बार देश को कांस्य पदक दिलाने वाले हरियाणा के पहलवान योगेश्वर दत्त जब रियो ओलंपिक में गए थे तो उनसे पदक का रंग बदलकर लाने की उम्मीद थी। यह उम्मीद उस समय धूमिल हो गई थी, जब योगेश्वर को पहले ही राउंड में हार झेलनी पड़ी थी। रियो जाने से पहले ही योगेश्वर साफ कर चुके थे कि वह अगला ओलंपिक नहीं खेलेंगे, क्योंकि वह लगातार चोट से जूझ रहे थे।
विज्ञापन
5 of 8
योगेश्वर दत्त
- फोटो : pti
पर किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि रियो ओलंपिक के चंद महीने बाद ही योगेश्वर दत्त संन्यास की घोषणा कर देंगे। योगेश्वर दत्त ने कहा है कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद संन्यास की तैयारी कर रहे हैं। यह कॉमनवेल्थ गेम्स अगले साल की शुरुआत में होंगे। वह उसमें स्वर्ण पदक जीतने का पक्का इरादा कर चुके हैं।
विज्ञापन
6 of 8
रियो ओलंपिक में योगेश्वर दत्त का मुकाबला
- फोटो : अमर उजाला
योगेश्वर कहते हैं कि कुश्ती में उम्र व शरीर को फिट रखना अहम होता है और जब उम्र बढ़ने के साथ ही चोट ज्यादा परेशान करने लगे तो उस समय सोचना पड़ता है। उनके अनुसार किसी भी खिलाड़ी को कोई फैसला लेने के लिए सही समय देखना चाहिए और वह सही समय अब आ चुका है। योगेश्वर जल्द ही 35 साल के होने वाले हैं और वह इसे संन्यास लेने का सही समय मानते हैं।
विज्ञापन
7 of 8
Yogeshwar dutt
- फोटो : अमर उजाला
योगेश्वर दत्त भले ही कुश्ती को अलविदा कहने की तैयारी कर चुके हों, लेकिन उनकी जगह देश के लिए ऐसा ही पहलवान तैयार हो चुका है। वह कोई दूसरा नहीं, बल्कि योगेश्वर के साथी पहलवान बजरंग पूनिया हैं। बजरंग ने पिछले महीने ही एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है और वह पहले भी लगातार पदक जीतते रहे हैं। ऐसे में योगेश्वर के बाद बजरंग उनकी जगह संभालेंगे।
योगेश्वर दत्त ने संन्यास लेने के बाद भी कुश्ती से दूर नहीं जाएंगे। वह कहते हैं कि देश के लिए बेहतर पहलवान तैयार करने के लिए ही उन्होंने कुश्ती एकेडमी खोली है। वह अपना अनुभव उस एकेडमी में देश के भावी पहलवानों में बांटेंगे, जिससे वे कुश्ती के हर दांवपेंच सीखकर पदक जीत सकें। योगेश्वर दत्त की गोहाना में कुश्ती एकेडमी चल रही है और वह इस समय वहां समय-समय पर पहलवानों को कुश्ती के गुर सिखाते हैं।