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अब डीलर प्वाइंट पर ही नए वाहनों की हो जाएगी रजिस्ट्रेशन, जानिए कैसे?

Sat, 08 Jul 2017 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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गाड़ी की आरसी बनाने के लिए लोगों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जानिए क्यों?
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RLA Chandigarh - फोटो : File Photo
दरअसल, रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब ऑटो डीलर प्वाइंट पर ही गाड़ी (टू व्हीलर व फोर व्हीलर) खरीदते समय लोगों को रजिस्ट्रेशन नंबर दे दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी जल्द ही इसके लिए एक नया साफ्टवेयर शुरू करने जा रहा है। 
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Indian Driving Licence - फोटो : File Photo
आरएलए के अधिकारियों ने बताया अभी वाहन-2 नाम के साफ्टवेयर पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन अब डीलर प्वाइंट ही लोगों को आरसी देने के लिए आरएलए वाहन-4 नाम का नया साफ्टवेयर शुरू करने जा रहा है। इस साफ्टवेयर से सभी ऑटो डीलर, ऑटोमोबाइल्स कंपनी व एजेंसी मालिकाें को जोड़ा जाएगा। ताकि लोगों को आरसी बनवाने के लिए आरएलए न आना पड़े।

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सांकेतिक चित्र
शहर में इस समय करीब 60 ऑटो डीलर, ऑटोमोबाइल्स कंपनी व एजेंसी हैं। ऑटो डीलर ही अब आरएलए के नए सॉफ्टवेयर वाहन-4 पर गाड़ी का रजिस्ट्रेेशन नंबर व वाहन खरीदने वाले की पूरी जानकारी साफ्टवेयर पर ऑनलाइन अपडेट कर देंगे। 
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ड्राइविंग टिप्स
इसके बाद ऑटो डीलर ही रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बनाने के लिए साफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिके ट के लिए ऑटो डीलर ही आरएलए को भुगतान करेंगे। इसके बाद आरएलए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनाकर लोगों को पोस्ट के जरिए घर पहुंचा देगा।
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ड्राइविंग प्रशिक्षण
आरएलए के अधिकारियों ने बताया कि डीलर प्वाइंट पर ही गाड़ियों की रजिस्ट्रेेशन व आरसी बनाने के लिए चार कंपनी हायर की जाएंगी। जो नए साफ्टवेयर वाहन-4 की मदद से शहर के सभी ऑटो डीलर व एजेंसी से टाइअप कर गाड़ियों की रजिस्ट्रेेशन व आरसी बनाने का काम करेंगी। इसके बाद आरएलए अपने स्तर पर वेरिफिकेशन कर गाड़ियों की रजिस्ट्र्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बनाकर लोगों को पोस्ट के जरिए भेज दिए जाएंगे।
 
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- फोटो : फाइल फोटो
अधिकारियों के मुताबिक, आरएलए के नए साफ्टवेयर वाहन-4 पर ऑटो डीलर व एजेंसी मालिकों को गाड़ियों की एक्स शो रूम प्राइस और गाड़ियों पर दिए जाने वाले डिस्काउंट के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। ताकि टैक्स में किसी प्रकार की हेराफेरी को रोका जा सके। अधिकारियों ने बताया कि अकसर गाड़ियों पर डिस्काउंट देकर ऑटो डीलर व एजेंसी मालिक टैक्स में हेराफेरी करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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