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उधर कैप्टन से नवजोत सिद्धू ने की मुलाकात, इधर पत्नी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, महिला विंग की अध्यक्ष बनीं

Wed, 17 Mar 2021 07:34 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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नवजोत कौर सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : फाइल फोटो।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच बुधवार को चाय पर चर्चा हुई। मोहाली के सेसवां स्थित फार्म हाउस में यह कैप्टन और सिद्धू के बीच हाल के दिनों में हुई दूसरी मुलाकात है। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक लगभग आधा घंटा चली। इधर, बुधवार को नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
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नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : twitter
पंजाब के कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को ऑल इंडिया जाट महासभा ने पंजाब में महिला विंग का प्रधान नियुक्त किया है। बुधवार को महासभा के पंजाब प्रदेश प्रधान व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरपाल सिंह हरपुरा ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह एलान किया।
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नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : फाइल फोटो।
बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ऑल इंडिया जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान हैं। महासभा ने पंजाब में अपनी टीम को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई तैयारियों के तहत डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को महिला विंग की कमान सौंपी है। हरपाल सिंह ने कहा कि कैप्टन पिछले 4-5 साल से दिखाई नहीं दे रहे, इसलिए नए सिरे से टीम को मजबूत बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू। - फोटो : फाइल फोटो।
उन्होंने बताया कि किकी ढिल्लों को हटा दिया गया है। जाट महासभा किसानों के साथ खड़ी है और कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग का समर्थन करती है। इस मौके पर डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि कृषि कानून बनाना केंद्र सरकार का जल्दबाजी में लिया गया फैसला है, जबकि इस संबंध में जमीनी स्तर पर कोई तैयारी नहीं की गई।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : एएनआई
उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार को कोरोना के दौरान कृषि कानून लाने की क्या जरूरत पड़ी थी, जबकि देश को उस समय डॉक्टरों की भारी जरूरत थी। उन्होंने कहा कि मंडियों के जरिए जो टैक्स इकट्ठा होता है, वह गांवों के विकास पर खर्च होता है लेकिन केंद्र सरकार इसे भी खत्म कर रही है।
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