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PICS: मंच पर हंसते-हंसते उभरा दर्द ‘चुकाएंगे नहीं’

Wed, 23 Jul 2014 01:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नाटक ‘चुकाएंगे नहीं’ में दर्द भरी दास्तान को कॉमेडी में बदल दिया गया और हंसते हंसाते राजनीति पर भी कटाक्ष किया गया। मंगलवार को इस नाटक का मंचन पंजाब कला भवन में हुआ।
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PICS: मंच पर हंसते-हंसते उभरा दर्द ‘चुकाएंगे नहीं’

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सात्विक आर्ट सोसाइटी की ओर से मंचित इस नाटक का निर्देशन अमित सनोरिया और सरवर अली ने किया। यह नाटक दारियो फो के लिखे अंग्रेजी नाटक का हिंदी अनुवाद था।
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नाटक का सेट कहानी के अनुरूप साधारण, लेकिन क्रिएटिव भी था, क्रिएटिव इसलिए क्योंकि सड़क के दृश्य के लिए मंच पर बिजली का खंभा भी लगाया गया था।

PICS: मंच पर हंसते-हंसते उभरा दर्द ‘चुकाएंगे नहीं’

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नाटक आधारित है एक जोडे़ की जिंदगी पर जो गरीबी में दिन व्यतीत करता है। पति झूठ के बिल्कुल खिलाफ है। पड़ोस में सब्जी की दुकान में लूट पाट का फायदा उठा कर पत्नी कुछ सामान उठा कर ले आती है।
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इस सामान को पत्नी अपने पति से छुपाने की कोशिश करती है। इस कोशिश के दौरान बहुत सी हास्यास्पद स्थितियां बनती हैं और साथ ही गरीबी की कड़वी सच्चाई भी उजागर होती है।
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