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मुख्तार अंसारी की होगी यूपी वापसी : कोर्ट का मेडिकल बोर्ड गठन से इनकार, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी अगली पेशी

Thu, 01 Apr 2021 10:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)

सार

  • बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने अपनी खराब सेहत का दिया था हवाला
  • अदालत ने कहा-12 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी सुनिश्चित करे
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को अपने गृह प्रदेश जाना ही होगा। मोहाली अदालत ने खराब सेहत के उसके दावों को दरकिनार कर दिया है। अदालत ने रंगदारी के लिए धमकाने के आरोपी मुख्तार अंसारी की यूपी जेल से 12 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। 
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाहुबली मुख्तार अंसारी खराब सेहत का हवाला देकर लंबे समय से यूपी जाने से खुद को बचाता आ रहा है। अंसारी रंगदारी के लिए एक बिल्डर को धमकाने के आरोप में रोपड़ जेल में बंद है। मोहाली की अदालत में उस पर मुकदमा चल रहा है। बुधवार को अंसारी को मोहाली अदालत में पेश किया गया। अंसारी के वकीलों ने एक बार फिर उसकी खराब सेहत का हवाला देते हुए मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की। 
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंसारी के वकीलों ने अदालत में कहा कि उसे दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है और उसकी सेहत ठीक नहीं है। पिछले साल 29 मार्च को उसकी सेहत खराब होने के बाद से उसके सीने में दर्द है। वकीलों ने कहा कि सही स्वास्थ्य सहायता न मिलने पर अंसारी की मौत भी हो सकती है। अंसारी के वकील ने स्वास्थ्य सहायता के लिए रोपड़ के जेल अधीक्षक से जवाब तलब करने की मांग भी की। 

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मुख्तार अंसारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंसारी के वकील की दलील सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित बख्शी की अदालत ने आदेश पारित करते हुए कहा कि कोई ताजा चिकित्सा मुद्दा सामने नहीं आया है, लिहाजा उपचार के लिए अलग से बोर्ड गठित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अदालत ने कहा कि जेल अधीक्षक से भी जवाब तलब करने की कोई वाजिब वजह नहीं है। 
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर आरोपी को यूपी पुलिस को सौंपा जाना है। आरोपी चूंकि यहां न्यायिक हिरासत में है, लिहाजा यूपी स्थानांतरित करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि उसे 12 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश किया जाए। 
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