19 साल पहले 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके विधायक जी इस बार बेटे से टयूशन लेकर 12वीं की परीक्षा में बैठे। कहानी फिल्मी नहीं रियल है। देखिए।
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बेटे से टयूशन लेकर 12वीं की परीक्षा में बैठे विधायक जी, LLB करेंगे
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हरियाणा के विधायक कुलवंत बाजीगर 12वीं की परीक्षा देते हुए
- फोटो : अमर उजाला
ये कहानी है, हरियाणा में गुहला से विधायक कुलवंत बाजीगर की। कुलवंत कैथल पट्टी अफगान स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा दे रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि कुलवंत सिंह के बड़े बेटे साहिब सिंह ने भी इसी साल सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी है। छोटे बेटे ने 10वीं का एग्जाम दिया है। इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात ये है कि विधायक जी परीक्षा की तैयारी के लिए अपने बेटे से ही ट्यूशन लेते हैं।
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बेटे से टयूशन लेकर 12वीं की परीक्षा में बैठे विधायक जी, LLB करेंगे
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हरियाणा के विधायक कुलवंत बाजीगर 12वीं की परीक्षा देते हुए
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विधायक कुलवंत ने बताया कि विधायक बनते ही सरकार ने लैपटॉप दिया था। मुझे चलाना नहीं आता था। जब बच्चों से सीखना शुरु किया तो समझ में आने लगा। फिर सोचा कि जब इस उम्र में कंप्यूटर चलाना आ सकता है तो आगे की पढ़ाई क्यों नहीं हो सकती। इसी प्रेरणा के चलते ओपन स्कूल से 12वीं का फार्म भर दिया। विधायक जी परीक्षा देने के लिए छिप छिपा कर सेंटर जाते हैं। मुंह ढककर सेंटर पहुंचते थे, ताकि कोई पहचान न सके। विधायक कहते है कि वे बीए और लॉ की डिग्री हासिल करेंगे।
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हरियाणा के विधायक कुलवंत बाजीगर 12वीं की परीक्षा देते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विधायक कुलवंत ने परीक्षा के बाद कहा कि परीक्षा की तैयारियों के लिए उन्हें ज्यादा परेशानियां नहीं हुई। केवल अंग्रेजी एवं हिंदी में तैयारी की ज्यादा जरुरत महसूस हुई। राजनीतिक विज्ञान में परेशानी नहीं आई। इसमें प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित एमएलए के क्या कार्य हैं। राजनीति से जुड़े सवाल थे। पब्लिक एड में भी ज्यादा दिक्कतें नहीं आई। फिजिकल एजूकेशन का विषय भी ज्यादा मुश्किल नहीं है। इसी कारण उन्हें अंग्रेजी विषय को छोड़कर तैयारी में ज्यादा परेशानियां नहीं आईं।
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हरियाणा के विधायक कुलवंत बाजीगर 12वीं की परीक्षा देते हुए
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विधायक कुलवंत ने कहा कि उन्होंने राजनीति में बदलते परिवेश के कारण पढ़ाई का फैसला लिया। जिस तरह से सरकार ने पंचायतों में शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की है। उसी तरह से भविष्य में कुछ भी फैसला हो सकता है। इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने 12वीं करने का फैसला लिया। वे पहले से दसवीं पास हैं। राजनीति में शिक्षा जरुरी है। अब यदि कोई MLA की फुल फॉर्म ही पूछ ले तो विधायक को कम से कम इतना ज्ञान तो होना ही चाहिए कि एमएलए की फुल फॉर्म क्या होती है।