फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AIIMS: 10 घंटे पढ़ाई कर पाया 14वां रैंक, इन चीजों से बनाई थी दूरी

Fri, 16 Jun 2017 11:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहाबाद(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 7
Haryana Mehak Singhal
लिंगानुपात में पिछड़े जिले की बेटी ने साबित कर दिखाया है कि बेटियां आज कहीं भी पीछे नहीं हैं। अगर बेटियों को मौका मिले तो वह इतिहास बना सकती हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
Haryana Mehak Singhal
परीक्षा का परिणाम वीरवार तड़के ढाई बजे घोषित हुआ। बीती 28 मई को हुई इस प्रवेश परीक्षा में सवा दो लाख परीक्षार्थी बैठे थे लेकिन महक सिंघल ने इसमें 14वां रैंक प्राप्त कर शाहाबाद के साथ-साथ हरियाणा का नाम रोशन किया है। इसके बाद महक के घर में खुशी की लहर दौड़ गई तो वहीं उन्हें दिन भर लोग बधाई देते रहे। कुरुक्षेत्र जिला से महक पहली छात्रा होंगी जो एम्स दिल्ली में एमबीबीएस में दाखिला लेंगी। इससे पहले वह जवाहर लाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की प्रवेश परीक्षा में भी 51वां रैंक प्राप्त कर चुकी हैं। 
विज्ञापन

3 of 7
Haryana Mehak Singhal
पूरी रात देखते रहे परिणाम      
महक के पिता गुरचरण सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम था कि बुधवार रात को परीक्षा परिणाम घोषित होगा। इसलिए वह रातभर परिणाम  देखते रहे लेकिन तड़के ढाई बजे जब परिणाम ऑनलाइन अपडेट हुआ तो महक का रोल नं. 7625819 को देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जब पता चला कि उनकी बेटी ने हरियाणा में टॉप किया है तो सभी परिजन खुशी से झूम उठे। माता पूनम ने कहा कि उन्हें यह विश्वास था कि उनकी बेटी अंडर 50 में जरूर आएगी लेकिन 14वां रैंक देखकर बेटी ने मिसाल कायम की है। माता-पिता ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है और यह उनके परिवार का पहला बच्चा होगा जो डॉक्टर बनेगा।     

4 of 7
Haryana Mehak Singhal
दिन में 10 घंटे करती थी तैयारी            
महक ने जानकारी दी कि इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए उन्होंने दिन में 10-10 घंटे तैयारी की है। महक ने बताया कि उन्होंने एम्स, निट, जिपमेर की प्रवेश परीक्षा दी थी। लेकिन उनकी इच्छा था कि एम्स दिल्ली में उन्हें दाखिला मिले। उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा में पढ़ते हुए ही इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी तथा कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी पर पूरा जोर रहता था।       
विज्ञापन

5 of 7
Haryana Mehak Singhal
माता-पिता भी रहे टॉपर, परिवार में नहीं कोई चिकित्सक              
महक के पिता गुरचरण सिंघल ने बीए तथा माता पूनम सिंघल ने एमए की है। दोनों ही अपने समय के टॉपर भी रहे हैं। इसलिए वह चाहते थे कि उनकी बेटी भी शिक्षा में टॉपर रहे और एक दिन चिकित्सक बने। माता-पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने उनका सपना सच कर दिखाया है।       
विज्ञापन

6 of 7
Haryana Mehak Singhal
मेहंदी, रंगोली में भी है महारत हासिल, जूडो की रही खिलाड़ी            
हरियाणा की टॉपर बनी महक मेहंदी, रंगोली में भी महारत हासिल किए हुए है। इस तरह की अनेक प्रतियोगिताओं में महक ने जीत दर्ज की है। महक दसवीं तक जूडो की भी सशक्त खिलाड़ी रही है। लेकिन दसवीं के बाद खेलों पर ध्यान नहीं था और डॉक्टर बनने के उद्देश्य के साथ सफर शुरू कर दिया था।       
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Haryana Mehak Singhal
टेंशन फ्री होकर पढें बेटियां            
महक सिंघल ने अपने संदेश में कहा है कि शिक्षा के साथ-साथ कोई भी क्षेत्र हो इंसान को क्वांटिटी पर नहीं क्वालिटी पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेशक शिक्षा के लिए कम समय निकले लेकिन जितना भी निकले उसमें सशक्त ढंग से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी पढ़ाई करें तो टेंशन फ्री होकर करनी चाहिए, क्योंकि टेंशन के साथ किसी भी कार्य को ढंग से मुकम्मल नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें