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माता चंद कौर की हत्या: इल्जाम से आहत फूट फूटकर रोए ठाकुर दिलीप सिंह

Sat, 09 Apr 2016 09:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा/रानियां (हरियाणा)
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माता चंद कौर की हत्या और ठाकुर दिलीप सिंह - फोटो : amar ujala
नामधारी समुदाय की 'मां' माता चंद कौर की हत्या और उसके इल्जाम लगने के बाद सतगुरु ठाकुर उदय सिंह महाराज के भाई ठाकुर दिलीप सिंह पहली बार लोगों के सामने आए। देखिए क्या बोले?
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माता चंद कौर की हत्या और ठाकुर दिलीप सिंह - फोटो : amar ujala
नामधारी समुदाय की 'मां' माता चंद कौर की हत्या और उसके इल्जाम लगने से आहत ठाकुर दिलीप सिंह ने कहा कि उन्हें उनकी मां चांदकौर के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए बल्कि उलटा उन पर ही उनके कत्ल का इल्जाम लगाया जा रहा है जो बेबुनियाद है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका है कि उन्हें कत्ल में फंसाने के लिए पैसे के बल पर झूठे गवाह तैयार किए जा सकते हैं। प्रेसवार्ता के दौरान वे कई बार फूट फूटकर रोये।
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माता चंद कौर की हत्या और ठाकुर दिलीप सिंह - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र और प्रदेश सरकार चाहे तो वह कान पकड़कर नामधारी समाज में एकता और शांति की बहाली करवा सकती है। नामधारी समुदाय के सतगुरु स्व. जगजीत सिंह महाराज की पत्नी चांद कौर की याद में हरियाणा के सिरसा/रानियां के श्रीजीवनगनगर गुरुद्वारे में आयोजित अंतिम अरदास से पूर्व पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

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माता चंद कौर की हत्या और ठाकुर दिलीप सिंह - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पदवी या गद्दी का कोई मोह नहीं है वे भी समाज में एकजुटता चाहते हैं। वे शनिवार को श्री जीवननगर में अंतिम अरदास रखे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब उन्हें मां चांद कौर के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए तो तो उन्हें भैणी साहिब कैसे जाने दिया जाएगा। उन्होंने मां की याद में ही यहां पर अंतिम अरदास रखी है। उन्होंने कहा कि माता चांद कौर उनकी ताई ही नहीं बल्कि मां थी जिन्होंने उन्हें पाल पोसकर बढ़ा किया। 
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माता चंद कौर की हत्या और ठाकुर दिलीप सिंह - फोटो : amar ujala
उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकुर उदय सिंह ने माता चांद कौर को कैद करके रखा हुआ था। उनके भाई ने माता पिता को पंथ से निकाल दिया था। उन्होंने कहा कि वे नामधारी पंथ को एकजुट देखना चाहते है पर उनके भाई और बहनोई जगतार सिंह ने पंथ को तोड़ा है। अगर मन में शांति होगी तो पंथ एक हो सकता है अगर मन में नफरत होगी तो शांति नहीं आ सकती। 
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माता चंद कौर की हत्या और ठाकुर दिलीप सिंह - फोटो : amar ujala
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हंसपाल सिंह, रिछपाल सिंह और जगतार सिंह पंथ में एकता नहीं होने देना चाहते हैं। वे तीनों पंथ का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति एकता से होती है पर नामधारी समाज में तीन पीढ़ी से लड़ाई चल रही है। उनके पिता वीर सिंह जी को भी जेल जाना पड़ा था। इस लड़ाई में पंथ का बहुत नुकसान हुआ है। इस मौके पर श्रीनिर्मल आश्रम पुष्कर के संत डॉ. रामेश्वारानंद महाराज भी मौजूद थे।
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माता चंद कौर की हत्या और ठाकुर दिलीप सिंह - फोटो : amar ujala
हरियाणा के सिरसा/रानियां के श्रीजीवनगनगर गुरुद्वारे में आयोजित अंतिम अरदास के दौरान पुलिस का सख्त पहरा था लोगों और गाड़ियों की जांच के बिना किसी को भी कार्यक्रम स्थल तक जाने नहीं दिया जा रहा था।
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