फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अद्भुत कहानी : सेना में अधिकारियों की संख्या घटी तो खोला संस्थान, 11 साल में 162 जांबाज अफसर देश को मिले

Thu, 11 Mar 2021 07:38 PM IST
ajay kumar अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
विज्ञापन
1 of 6
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी इंस्टीट्यूट। - फोटो : फाइल फोटो।
पंजाब के बेहतरीन शहरों में एक शहर है मोहाली। यहां कई ऐसे संस्थान हैं, जो देश-दुनिया में जाने जाते हैं। आज आपको ऐसे ही एक संस्थान की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने अपने 11 साल के अद्भूत सफर में देश को 162 जांबाज सैन्य अधिकारी दिए हैं। यह संस्थान है मोहाली के सेक्टर- 77 स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी इंस्टीट्यूट। संस्थान ने अपने 11 साल के सफर में देश को 162 जांबाज सैन्य अधिकारी दिए हैं। इनमें से 69 अधिकारी देश की सेनाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।  शेष की सेना की अकादमियों में ट्रेनिंग चल रही है। जल्द ही ये भी सेना का हिस्सा होंगे। महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्स संस्थान बनाने के पीछे की भी कहानी बड़ी रोचक है। 

यह भी पढ़ें- पंजाब के इस शहर ने संजोया शहीदों का सम्मान, सड़क, स्कूल व पार्कों को दिया उन्हीं का नाम
विज्ञापन

2 of 6
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी इंस्टीट्यूट। - फोटो : फाइल फोटो।
एक समय ऐसा था जब सेना में पंजाब के अधिकारियों की बहुलता थी। लेकिन इसके बाद युवाओं में विदेश में बसने की चाहत होने लगी। साल 2010  तक सेना में मात्र दो फीसदी पंजाबी अधिकारी बचे। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा की सरकार थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को जैसे ही यह पता चला कि सेना में पंजाबी अधिकारियों की कमी हो गई है। उन्होंने तुरंत सेवानिवृत्त अधिकारियों, विशेषज्ञों संग बैठक की। सेना में पंजाबी अधिकारियों की संख्या बढ़ाने पर मंथन किया। बैठक में फैसला हुआ कि हाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी इंस्टीट्यूट मोहाली में स्थापित किया गया। 
विज्ञापन

3 of 6
टैंक पर बैठे छात्र। - फोटो : फाइल फोटो।
संस्थान 2011 में शुरू हुआ और पहला बैच 2013 में निकला। संस्थान में केवल पंजाबी मूल के 40 छात्रों को प्रवेश परीक्षा की मेरिट और इंटरव्यू के आधार पर प्रवेश मिलता है। तैयारी के बाद ये छात्र एनडीए की परीक्षा में शामिल होते हैं। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ये छात्र सेना का हिस्सा बनते हैं। इसके अलावा उन्हें अन्य परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जाती है।

यह भी पढ़ें- पंजाब का वो शहर, जिसका बॉलीवुड भी दीवाना, इन सुपरहिट फिल्मों में दिखी झलक

4 of 6
- फोटो : फाइल फोटो।
संस्थान के निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल जीएस गरेवाल हैं। इन्होंने सेना अकादमियों में कई अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया है। वह बताते हैं कि इस बार यूपीएससी की मेरिट सूची में 9वां स्थान हासिल करने वाले कैडेट भारत शर्मा हमारे संस्थान से हैं। वह अमृतसर से संबंध रखते हैं। उनके माता-पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा में नॉन मेडिकल स्ट्रीम में 93.4 फीसदी अंक हासिल किए थे। जबकि अन्य छात्रों में हिल प्रीत सिंह, साहिलदीप सिंह, उत्तम मलिक व शिव कुमार शामिल हैं।
विज्ञापन

5 of 6
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी इंस्टीट्यूट। - फोटो : फाइल फोटो।
पंजाब की तर्ज पर अन्य राज्य भी ऐसे संस्थान बनाने की तैयारी में
महाराजा रणजीत सिंह इंस्टीटयूट की सफलता से कई सरकारें भी प्रभावित हैं। दरअसल, उनके राज्य से जितने बच्चे निकलते हैं, उससे ज्यादा बच्चे इस संस्थान से निकलते हैं। यही वजह है कि कई राज्यों की सरकारें इस संस्थान की सफलता से काफी प्रभावित हैं। राजस्थान और तेलंगाना की सरकार अपने राज्य में ऐसा ही संस्थान स्थापित करने पर विचार कर रही हैं। वहां के अधिकारियों ने मोहाली के इस संस्थान का दौरा भी किया। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
- फोटो : फाइल फोटो।
सीएम से लेकर बड़ी हस्तियां आती है संस्थान
संस्थान में पढ़ाई कर रहे छात्रों को दो साल ऐसे माहौल में रखा जाता है कि जैसे कि वह सेना में ही काम कर रहे हो। वहीं, हर बुधवार संस्थान में बड़ी हस्ती आती हैं, जो छात्रों से रूबरू होती हैं। इसके अलावा रात का खाना भी छात्रों के साथ ही होता है। पंजाब के मुख्यमंत्री, देश के नामी मंत्री, बिजनेसमैन, सेना के अधिकारी इस संस्थान का दौरा करते रहते हैं। देश के युवा सैन्य अधिकारी भी यहां छात्रों संग अपने अनुभव साझा करते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें