खराब खाने की शिकायत करने पर बीएसएफ से बर्खास्त किए गए तेज बहादुर हीरो बन गए हैं। अब देश की ये बड़ी पार्टी उन्हें सम्मानित करेगी।
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तेज बहादुर यादव घर पहुंच गए
दरअसल, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बीएसएफ से निकाले गए जवान तेज बहादुर यादव को सम्मानित करने का ऐलान किया है। अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट करके कहा कि भारत माता के बहादुर सपूत तेज बहादुर यादव, जिन्होंने बीएसएफ के भ्रष्टाचार का सबूत वीडियो में दिया था, को मध्य प्रदेश कांग्रेस सम्मानित करेगी। हालांकि पार्टी तेज बहादुर का कब सम्मान करेगी, इसकी तारीख का ऐलान नहीं किया है।
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बीएसएफ का जवान तेज बहादुर यादव
दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने खराब खाने की शिकायत करने वाले जवान तेज बहादुर यादव की बर्खास्तगी का विरोध किया है। उनका कहना है कि तेज बहादुर ने बीएसएफ की भोजन व्यवस्था की खामियों को सामने लाने की कोशिश की थी, लेकिन उसे नहीं सुना गया। तेज बहादुर ने जवानों की समस्या उठाकर देश की सेवा की है, ऐसे में उसे बर्खास्त करना गलत है।
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बीएसएफ का जवान तेज बहादुर यादव
मनीष तिवारी का कहना है कि सरकार एक तरफ पारदर्शिता को लेकर प्रतिबद्ध होने का दावा करती है, दूसरी तरफ व्यवस्था में बदलाव के लिए खामियों को उजागर करने वालों के साथ ऐसा बर्ताव करती है। दूसरी ओर तेज बहादुर का कहना है कि खराब खाने का वीडियो वायरल होने के बाद बीएसएफ में जवानों के भोजन की क्वालिटी में सत्तर फीसदी का सुधार हुआ है लेकिन घालमेल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी।
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
तेज बहादुर ने कहा कि कार्रवाई होने से इससे सेना और अर्धसैनिक बलों के भीतर होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लगती। अनुशासनहीनता समेत अन्य मामलों में बीएसएफ से बर्खास्तगी के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब तेजबहादुर ने आरोप लगाया कि सेना में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि दिल्ली में परेड के दौरान जवानों को खुद के पैसों से वर्दी और जूते भी खरीदने पड़ते हैं, जिससे देश का सिर ऊंचा रहे।
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
तेजबहादुर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि भविष्य में जवानों के पक्ष में आवाज उठाते रहेंगे। तेजबहादुर बर्खास्तगी के खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी डालने सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए। कोर्ट के फैसले पर तेजबहादुर ने कहा कि बर्खास्तगी की पहले से ही उम्मीद थी। अब बर्खास्तगी के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। वहीं कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद से हर समय जान का खतरा मंडरा रहा था।
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BSF जवान का दर्द आला अफसरों को डराएगा?
- फोटो : SELF
तेज बहादुर ने कहा कि नजरबंद करने के साथ ही मोबाइल भी छीन लिए गए। घर पर बात भी नहीं होने दी। इसके बाद पत्नी ने दिल्ली में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद उन्हें काफी राहत मिली। एक घंटे खेलने को भी मिलता था। इस दौरान भी उन पर नजर रखी जाती थी। धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वह पहले शख्स हैं जो आवाज उठाकर भी जिंदा लौटे हैं।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ में चालीस फीसदी हष्ट-पुष्ट जवानों को अधिकारियों ने अपने सहायक के तौर पर लगा रखे हैं। यही नहीं बीएसएफ में राशन की भी तीन कैटेगरी हैं। जेसीओ, ऑफिसर्स के लिए अच्छा जबकि जवानों के लिए सबसे घटिया राशन मिलता था। बेटे को भी रक्षा क्षेत्र में भेजे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर उसकी इच्छा हुई तो जरूर सेना में भेजेंगे।