चिलचिलाती धूप और झुलसाती लू के बीच हरियाणा में राजनीतिक ताकत और विरासत को बनाए रखने के लिए कहीं मां तो कहीं बहू और पत्नी कड़ी मेहनत कर रही हैं। इन्हें चुनाव प्रचार करता देख लोगों की निगाहें ठहर जाती हैं। ये अपने-अपने अंदाज से मतदाताओं को अपने उम्मीदवार के लिए वोट मांग रही हैं। ये सभी राज्य की सियासत में बेहद प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख वाले चौटाला, विश्नोई और हुड्डा परिवारों से हैं। इन परिवारों के पुरुष नेताओं की सफलता के पीछे महिलाओं का अहम योगदान है। हरियाणा में 12 मई को सभी 10 लोकसभा सीटों पर मतदान पड़ेंगे।
चौटाला, विश्नोई व हुड्डा परिवारों के प्रचार ने बढ़ाई चुनावी तपिश
चौटाला परिवार से राजनीति में उतरने वाली पहली महिला नैना चौटाला अपने बेटों-दुष्यंत और दिग्विजय के लिए 50 से अधिक रैलियां कर चुकी हैं। दुष्यंत हिसार तो दिग्विजय सोनीपत से मैदान में हैं। उनके पति अजय चौटाला ने इनेलो से नाता तोड़ लिया था और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) नाम से नई पार्टी बना ली थी। अजय और ससुर पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल में हैं। वे कहती हैं- परिवार में विवाद रहा है और अब हमारी भिन्न विचारधाराएं हैं, पर मतदाता काम देखता है।