इस विधि का आसान पहलू यह था कि समांनतर बोर खोदने और पुराने बोर से मिलान करके का झंझट नहीं था क्योंकि लक्ष्य वाले बोर में ही चक्क किया जाना था। ऐसे में लोग इस विकल्प को बेहतर बता रहे हैं। दूसरी तरफ, फतेहवीर के जाने का गम लोग भुला नहीं पा रहे हैं और सिस्टम के खिलाफ खूब भड़ास निकाल रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग भावुक कविताएं लिखकर अपने जज्बात बयान कर रहे हैं जबकि कुछ लोग सियासी नेताओं की भी क्लास लगा रहे हैं।