वह आलीशान-गगनचुंबी इमारतों को जान दांव पर लगाकर आकार देता है। वह भूखे पेट औरों के खेतों में दिन-रात पसीना बहाता है। वह मजदूर कैसे जीता है? मई दिवस पर उसकी जिंदगी का एक दिन। देखिए, तस्वीरों में।
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मई दिवस विशेष: जी कर तो देखिए मजदूर का एक दिन
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ट्रक में है इनका पालना: चंडीगढ़ में सेक्टर 38 में सड़क निर्माण चल रहा है। मजदूरों के बच्चे ट्रक में रहते हैं। छोटे बच्चे के पालने को पेड़ ही छाया देता है। मां-बाप को तो पेट पालने के लिए काम करना पड़ता है।
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मई दिवस विशेष: जी कर तो देखिए मजदूर का एक दिन
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गैर के खेतों में हमने कमाईं झुर्रियां: चंडीगढ़ के एक गांव में गेहूं की फसल की कटाई में जुटा मजदूर। दादी थककर बैठ गई है।
मई दिवस विशेष: जी कर तो देखिए मजदूर का एक दिन
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पकी कनक का न्यौता: खेतों में फसल पक गई है। ऐसे में मजदूरों को न्यौता देने आया एक मालिक।
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हम कंकरीट को आकार देते हैं, हमारे चेहरे नहीं होते: चंडीगढ़ में शाम के वक्त भी धनास के पुल निर्माण में जुटे मजदूर।
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घर से निकलेंगी, तभी चूल्हा जलेगा: चंडीगढ़ में रोजी रोटी की तलाश में घर से निकलीं महिलाएं।