कृष्ण लीला को कथक के रूप में चार से अस्सी साल के कुल 50 कलाकारों ने विवेक हाई स्कूल सेक्टर 38 में मंचित किया।
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कृष्ण जन्म से गीता ज्ञान तक की कहानी, कथक की जुबानी
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इस मौके पर प्राचीन कला केंद्र की रजिस्ट्रार शोभा कौसर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
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कृष्ण जन्म से गीता ज्ञान तक की कहानी, कथक की जुबानी
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कार्यक्रम में कृष्ण जन्म से गीता ज्ञान को कुल 55 मिनट में कथक द्वारा पेश किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकार सेंटर फॉर क्रिएटिव आर्ट्स अंबाला के थे।
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इसका निर्देशन शबनम नाथ ने किया। इस दौरान शबनम ने बताया कि वे चंडीगढ़ के जीसीजी-11 में पढ़ चुकी हैं। वे शोभा कौसर की स्टूडेंट भी रह चुकी हैं।
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कृष्ण जन्म से गीता ज्ञान तक की कहानी, कथक की जुबानी
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उन्होंने कहा कि ‘कृष्णा- ए बैले डांस’ करने के पीछे मुख्य मकसद बच्चों को इतिहास और कल्चर से जोड़ना था।
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उन्होंने कहा कि वह 15 साल पहले अंबाला में जा बसी थी लेकिन वहां की सोच इतनी ओपन नहीं थी। इसलिए वहां इस कला को बिखेरने में थोड़ा वक्त लगा। अब वहां के लोग भी इस कला का अपनाने लगे हैं।