साढ़े 11 बजे किसानों का जत्था नाके की तरफ बढ़ने लगा। किसानों ने बैरिकेड्स, पत्थर, पेड़ों के तने हटा दिए और आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिसवालों ने थोड़ा विरोध किया और बाद में चुपचाप सड़क किनारे खड़े हो गए। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेता शिंगारा सिंह मान ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों को रोकने के लिए पूरा जोर लगा दिया। किसान अपने हकों के लिए सरकार की किसी भी नाकेबंदी को पार कर सकते। अब वह दिल्ली से कृषि कानूनों को वापस करवाकर ही घर लौटेंगे।