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पीएम मोदी ने कहा आंदोलनजीवी तो किसान नेताओं ने भी कह दी बड़ी बात, आप भी जान लें

Mon, 08 Feb 2021 11:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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किसान आंदोलन। - फोटो : अमर उजाला
पहले कृषि मंत्री और अब प्रधानमंत्री के राज्यसभा में दिए बयान पर किसानों ने रोष जताया है। संयुक्त किसानों मोर्चा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही उनको आंदोलनजीवी बताया हो लेकिन उनको आंदोलनजीवी होने पर गर्व है। क्योंकि उनके पूर्वजों ने आंदोलन के सहारे ही देश को आजादी दिलाई थी। अब सरकार ही अपने हठ के कारण किसान आंदोलनजीवी पैदा कर रही है। 
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किसान आंदोलन। - फोटो : ANI
संयुक्त मोर्चा ने यहां तक कहा कि भाजपा और उनके पूर्वज ने कभी देश के लिए कोई आंदोलन नहीं किया। किसान नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि देश को बचाने के लिए आंदोलन करने की सीख उनको पूर्वजों से मिली हैं। उनके पूर्वजों ने देश की आजादी के लिए आंदोलन किया था। अब वह देश के भविष्य को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। इसलिए आंदोलनजीवी होने पर उनको गर्व है।
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मंच पर बैठे किसान नेता। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि यह सरकार का अड़ियल रवैया है, जिसके कारण यह आंदोलन लंबा हो रहा है और आंदोलनजीवी पैदा हो रहे हैं। एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर उन्होंने कहा कि केवल बयान से किसानों को किसी तरह से फायदा नहीं होगा। इससे पहले भी इस तरह के बयान दिए गए थे, लेकिन किसानों को तभी फायदा होगा जब एमएसपी खरीद की गारंटी के लिए कानून बनेगा। 

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कुंडली बॉर्डर पर बैठीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि सरकार किसान संगठनों को बिजली बिल वापस लेने का आश्वासन देने के बावजूद संशोधन विधेयक संसद में पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि वह भी बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार की ओर से इसके लिए आधिकारिक तौर पर न्योता आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांग सरकार के पास पहले ही रख चुके हैं और उनकी तरफ से बातचीत का प्रस्ताव तैयार है। 
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किसान आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
अब सरकार को बातचीत के लिए बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें आज भी वही हैं। सरकार की ओर से कृषि कानूनों में संशोधन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह प्रमुख मुद्दा है और बातचीत से ही इसका समाधान होगा। बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को घर भेजने की अपील पर किसान नेता ने कहा कि वह किसी को यहां से जाने के लिए कह सकते हैं। यहां आने वाले सभी किसान हैं और वह अपनी मांगों को लेकर यहां आए हैं।
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