आरक्षण व अन्य मांगें मनवाने के लिए धरने पर बैठे जाट आज काला दिवस मना रहे हैं और सभी काले कपड़े पहनकर धरनास्थल पर पहुंच गए हैं। देखिए तस्वीरें।
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हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश भर के जाट पिछले महीने भर से धरने पर बैठे हैं। सरकारी कमेटी के साथ कई बार की बातचीत के बावजूद जाट नेताओं ने धरना खत्म नहीं करने का ऐलान कर रखा है। इस बीच रविवार को समुदाय के लोगों ने काला दिवस मनाया। जसिया में धरनास्थल पर हजारों लोग पहुंचे। पुरुष काली पगड़ी तो महिलाएं काला दुपट्टा ओढ़ धरनास्थल पर पहुंचीं। युवा काली टीशर्ट में हाथों में काली पट्टी बांधकर पहुंचे।
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हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी करीब दो बजे पहुंचे। जसिया में करीब दो हजार रामपाल समर्थक भी पहुंचे हैं। रविवार सुबह सैकड़ों रामपाल समर्थक हिसार के गांव रामायण में जाटों के धरनास्थल पर पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस ने धरनास्थल पर नहीं पहुंचने दिया। काला दिवस मनाते हुए कुछ युवा मुंह पर काला कपड़ा पहनकर रेलवे ट्रेक पर पहुंच गए और उन्होंने गेट तोड़ दिया। संघर्ष समिति के सदस्यों ने उन्हें शांत कराया।
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हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
वहीं, काले कपड़े पहनकर धरनास्थल पर पहुंच जाटों ने आंदोलन की नई रणनीति बनी ली है। इसके तहत एक दिन के लिए दिल्ली में दूध और सब्जियों की सप्लाई बंद की जाएगी। चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो धरना अनिश्चित काल के लिए हो सकता है। सरकार भी कोई रिस्क लेने की स्थिति में नहीं, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश में इंटरनेट सुविधा बंद की गई है।
शनिवार शाम से रोहतक, सोनीपत, पानीपत, हिसार और भिवानी में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। कई रूटों पर बस सेवा भी बंद कर दी गई हैं। दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, पानीपत रूट की बसें बंद हैं। भिवानी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद की ओर से दिल्ली व पानीपत के लिए कोई बस नहीं जा रही हैं। इसके कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे और शहरों के मुख्य चौक-चौराहों पर भारी सुरक्षा बल तैनात हैं।