कांग्रेस से निष्कासित पूर्व सांसद जगमीत बराड़ ने चप्पड़चिड़ी में पंजाबियत का महाकुंभ लगाकर ताकत दिखाई और बड़ा ऐलान किया। देखिए तस्वीरें।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
मोहाली के चप्पड़चिड़ी में जगमीत बराड़ की रैली
- फोटो : अमर उजाला
मंच से बराड़ ने एलान किया है कि अगर 15 अगस्त तक किसानों-मजदूरों की समस्या का हल न निकला तो वह आंदोलन करेंगे। वह घर-घर जाकर दरवाजा खटखटाएंगे। किसान किसी भी कीमत पर कर्ज नहीं देंगे, चाहे वसूल करने वाले उन्हें गोली क्यों न मार दें।
विज्ञापन
3 of 7
मोहाली के चप्पड़चिड़ी में जगमीत बराड़ की रैली
- फोटो : अमर उजाला
जगमीत बिना किसी पार्टी और कैडर के, सिर्फ अपने चुनिंदा खास लोगों के दम पर वह प्रभावशाली भीड़ जुटाने में कामयाब रहे हैं। इंटेलिजेंस और पुलिस की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस तपती गर्मी में भी करीब दस हजार लोग पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से रैली में पहुंचे। जगमीत ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सियासी वजूद अभी खत्म नहीं हुआ है। सुबह 11 बजे पंडाल खाली था, पर धीरे-धीर लोग आते गए।
4 of 7
मोहाली के चप्पड़चिड़ी में जगमीत बराड़ की रैली
- फोटो : अमर उजाला
जगमीत ने कहा था कि यह उनकी जिंदगी की बेस्ट स्पीच होगी। वह लोगों की नब्ज छूने और उनकी भावनाएं टटोलने में कामयाब रहे। क्योंकि उनका भाषण खत्म होने तक लोग चुपचाप उन्हें सुनते रहे। जगमीत पंडाल भरने के बाद पहुंचे और किसी को भी भाषण नहीं देने दिया गया। सिर्फ पांच-छह लोगों ने संक्षिप्त बात रखी। उसके बाद जगमीत ने भाषण दिया। इससे पहले विजय साथी, अमनदीप मांगट, मनजीत सिंह झलबूटी ने प्रस्ताव रखे। पंजाबी गायक कंवर गरेवाल ने रंग जमाया।
विज्ञापन
5 of 7
मोहाली के चप्पड़चिड़ी में जगमीत बराड़ की रैली
- फोटो : अमर उजाला
जगमीत ने कहा कि डॉ. एसएस जौहल ने कहा है कि पंजाब में इतना बड़ा खेती संकट कभी नहीं आया। दस हजार आत्महत्याओं के बाद भी कोई नीति नहीं बन रही है। उन्होंने कहा कि सारे सियासी हितों से ऊपर उठ कर पंजाब में सुधार को लहर शुरू करेंगे। महाकुंभ का यह काफिला यहीं नहीं रहेगा, वह आंदोलन का एलान करते हैं। तुम्हारे पास आऊंगा, मुझे सहयोग देना। विपदा की इस घड़ी में अपना सब कुछ अर्पण करकेलड़ाई लड़ेंगे।
विज्ञापन
6 of 7
मोहाली के चप्पड़चिड़ी में जगमीत बराड़ की रैली
- फोटो : अमर उजाला
बराड़ ने कहा कि जैतों के मोर्चे में सीएम प्रकाश सिंह बादल के पूर्वजों ने लंगर के प्रसाद में जहर मिला दिया था। जबकि, आजादी की लड़ाई में पटियाला की फौजों ने चार हजार सेनानी मार दिए थे। जिसके बदले पटियाला राजशाही को अंग्रेजों ने खिताबों से नावाजा था। बादल और कैप्टन इसकेलिए माफी मांगें। पंजाब की आर्थिकता परिवारवाद की भेंट चढ़ गई है। बादल परिवार व्यक्ति पूजा करा रहा है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी केपीछे भी बादलों के सियासी हित हैं। इन लोगों ने पंजाब के लोगों को मिट्टी में मिला दिया है।
मोहाली के चप्पड़चिड़ी में जगमीत बराड़ की रैली
- फोटो : अमर उजाला
जगमीत ने कहा कि 2017 तक पंजाब से रजवाड़ाशाही और परिवारवाद का अंत करना जरूरी हो गया है। यह लड़ाई सिरे चढ़ानी है, मैं अंतिम समय तक आप के साथ खड़ा रहूंगा। उन्होंने कहा कि लोगों में काफी जिज्ञासा था कि चप्पड़चिड़ी को क्यों चुना, मालवा में इससे बड़ी रैली कर सकते थे। पर इस धरती पर बाबा बंदा सिंह बहादुर ने जीत हासिल की थी। उनके साथ कोई रजवाड़ा नहीं चला था। हुक्मनामे के बावजूद कोई रजवाड़ा नहीं आया। सिर्फ आम आदमी ही चले थे। इसलिए उन्होंने भी आंदोलन का आगाज यहां से किया।