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इस IAS दंपत्ति ने शहीद के परिवार के लिए किया ऐसा काम, जानकर आप भी सेल्युट करेंगे

Sun, 07 May 2017 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तरनतारन(पंजाब)
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
इस IAS-IPS दंपत्ति ने एक शहीद के परिवार के लिए वो काम किया है, जो सच में सराहनीय है। देखिए इन्होने ऐसा क्या किया है जिससे इनकी चारों और वाहवाही हो रही है...
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
दरअसल, शहीद नायब सूबेदार परमजीत की बेटी को गोद लेने के लिए कुल्लू के डीसी युनूस पंजाब के तरनतारन पहुंचे। कुल्लू के डीसी युनूस के साथ उनकी आईपीएस पत्नी अंजुम आरा भी साथ थीं। इस आईएएस-आईपीएस दंपत्ति ने शहीद की छोटी बेटी खुशदीप को गोद लेने की इच्छा जताई थी।
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे दोनों तरनतारन में शहीद के घर पर पहुंचे। दोनों ने शहीद के परिवार के साथ बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वह खुशदीप को अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए उसका पूरा खर्च उठाएंगे। 

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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
डीसी युनूस और उनकी पत्नी अंजुम ने काफी देर तक पूरे परिवार के साथ बातचीत की। 2010 के आईएएस बैच के अधिकारी युनूस इन दिनों कुल्लू में बतौर डीसी तैनात हैं। वहीं, उनकी धर्मपत्नी अंजुम आरा 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं जो वर्तमान में जिला सोलन में एसपी के पद पर तैनात हैं।  
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PIC
अंजुम आरा ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में बताया कि परमजीत सिंह की शहादत के दिन वे टेलीविजन पर समाचार सुन रही थीं। उस समय शहीद परिवार पर टूटे कहर ने उन्हें हिलाकर रख दिया। उन्होंने शहीद की सबसे छोटी बेटी जिसकी उम्र करीब 12 साल है, को गोद लेने का फैसला किया।
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
इस बच्ची को गोद लेने के बारे में उन्होंने अपने पति से भी चर्चा की। इसके बाद दंपति बच्ची को गोद लेने पर राजी हो गए। बताया कि बच्ची पर वे किसी भी तरह का दबाव नहीं डालेंगे। वह जो बनना चाहेगी, उसे बनने में हर तरह की मदद करेंगे। बच्ची देश सेवा करने के लिए सिविल सर्विस ज्वाइन करना चाहेगी तो वे उसकी हर तरह से मदद करेंगे।
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
उन्होंने बताया कि उनकी इच्छा है कि वे बच्ची को कभी अकेलापन महसूस न होने दें। वे उसे हमेशा अपनी बेटी की तरह रखेंगे। यदि शहीद का परिवार चाहेगा तो यह बच्ची उनके साथ रहेगी, यदि नहीं चाहेगा तो अपनी मां और अन्य सदस्यों के साथ भी रह सकती है।
 

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पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में मारे गए परमजीत सिंह
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 1 मई को पाकिस्तान के हमले में शहीद हुए तरनतारण के भारतीय जवान परमजीत सिंह ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। बताया जाता है कि पुंछ में भारतीय इलाके में सोमवार को 250 मीटर अंदर तक घुसी पाक बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) ने आर्मी-बीएसएफ की पेट्रोल पार्टी पर हमला कर दिया।
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पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में मारे गए परमजीत सिंह
सेना के दो जवान जेसीओ नायब सूबेदार परमजीत सिंह और बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर शहीद हो गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने बर्बरता की हद पार करते हुए शहीद के शवों को क्षत -विक्षत कर डाला और उनके सिर काट लिए थे। जिससे सारे देश में जबरदस्त आक्रोश है।
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