प्रो रेसलिंग लीग में हरियाणा को हरा मुंबई भले ही चैंपियन बन गया हो, लेकिन आईकॉन प्लेयर तो एक हरियाणवी ही चुना गया। देखिए, पूरा मामला।
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खेल फौलादी में बिना खेले आईकॉन बने ये हरियाणवी रेसलर
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हम बात कर रहे हैं गोहाना में भैंसवाल कलां की माटी में कुश्ती खेलकर बड़े हुए योगेश्वर दत्त की। उस योगेश्वर दत्त की जोकि 8 साल की उम्र में ही बलराज पहलवान से प्रेरित होकर कुश्ती खेलने लगा था। पहले कोच रामफल की ट्रेनिंग में योगेश्वर दत्त अब पदमश्री योगेश्वर दत्त बन चुका है।
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रविवार देर शाम को भी देश की पहली प्रो रेसलिंग प्रीमियर लीग में उसने वो मुकाम हासिल किया जो हर किसी के बस की बात नहीं होती। योगेश्वर दत्त को लीग में आईकॉन प्लेयर चुना गया है। योगी की इस कामयाबी पर पूरा गांव रविवार देर रात खुशी से झूम उठा।
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परिवार की आंखों में वो ही आंसू थे, जो 2003 में योगी की शुरूआत पर आए थे। हालांकि प्रो कबड्डी लीग के फाइनल में हरियाणा को मुंबई की टीम से शिकस्त झेलनी पड़ी, लेकिन योगेश्वर की उपलब्धि भी प्रदेश के लिए बहुत मायने रखती है।
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बता दें कि योगेश्वर दत्त का जन्म 2 नवंबर 1982 को हुआ था। पेशे से पिता टीचर थे, जिनकी मौत 2006 में हुई थी। परिवार में मां सुशीला देवी और भाई मुकेश है। मुकेश भी कुश्ती खेलता है। 3 अगस्त को पिता की मौत के बावजूद योगेश्वर दत्त ने एशियन गेम्स में ब्रांज मेडल जीता था।
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ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त पुरस्कार स्वरूप मिली धनराशि जरूरतमंदों पर खर्च करते हैं।
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पिछले दिनों हरिद्वार पहुंचे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी योगेश्वर दत्त के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान योगेश्वर दत्त ने कहा कि वह किसान के घर में जन्मे हैं। मध्यम वर्गीय परिवार होने के चलते उन्हें अभ्यास से हासिल किए मुकाम तक पहुंचने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन कठिन परिश्रम से सब संभव हुआ।
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अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त ने इच्छा जताई की वह हरिद्वार में भी अखाड़ा खोलना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए स्थानीय लोगों अथवा किसी संस्था की मदद जरूरी है।
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बताया वह देश के 200 अखाड़ों से जुड़े हुए है और 11 पहलवानों का खर्चा स्वयं उठाते हैं। पुरस्कार में मिली धनराशि वह इन्हें पहलवानों पर खर्च करते हैं। उनका उद्देश्य है कि भारत के युवा विश्व पटल पर चमके। उन्होंने कहा कि वह रीयो में होने वाले ओलंपिक में भी पदक जीतकर आएंगे।
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राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड जैसे पुरस्कार जीतने के बावजूद पहलवान योगेश्वर दत्त अभी शादी नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि वह एक खास मकसद की तैयारी कर रहे हैं जिसके बाद वह शादी के बारे में सोचेंगे।
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योगेश्वर दत्त ने कहा कि उनका अभी शादी का कोई इरादा नहीं है। उनका अभी सिर्फ वर्ल्ड चैंपियनशिप पर ही फोकस है। इसे जीतने के लिए वह दिन रात मेहनत कर रहे हैं।
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 और एशियन गेम्स में 28 साल बाद भारत के लिए गोल्ड मेडल अर्जित करने वाले योगेश्वर दत्त ने बताया कि वह यूएसए में सितंबर 2015 में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा रियो में होने वाले ओलंपिक 2016 के लिए भी वह सोनीपत में तैयारी कर रहे हैं।