एक पुलिस वाली सलवार सूट पहनकर अखाड़े में उतरी और 'लेडी खली' बन गई। अब वह डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में उतरेगी, जानिए कैसे पहुंची wwe तक?
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कविता दलाल, रेसलर
बात हो रही है, wwe के लिए सिलेक्ट होकर इतिहास रचने वाली देश की पहली महिला पहलवान कविता दलाल की। कविता में पहलवानी को लेकर इतना जुनून था कि इसके लिए सरकारी नौकरी छोड़ दी। द ग्रेट खली की चेली की रिंग में धुलाई करके चर्चा में आई कविता दलाल अब डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में 31 पहलवानों से भिड़ेंगी।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
कहा जाता है कि कविता रिंग में इतनी फुर्तीली हैं कि एक शेरनी की तरह विपक्षी खिलाड़ी पर टूटती हैं। वह मिनटों में ही फाइट जीतकर बाहर आ जाती हैं। वे रिंग में इतनी मजबूत हैं कि उन्हें हार्ड केडी कहा जाता है। कविता लगातार चार बार सीनियर नेशनल चैंपियन, नेशनल गेम्स में चैंपियन, साउथ एशियन गेम्स में चैंपियन के अलावा वुशु में भी नेशनल और गेम्स चैंपियन रह चुकी हैं।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
कविता ने पिछले महीने महीने दुबई में हुई महिला और ओपन डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप में भी अपना दम दिखाया था। इससे पहले वे कॉन्टिनेंटल रेसलिंग इंटरटेनमेंट (सीडब्ल्यूई) में बतौर रेसलर के रूप में धूम मचा चुकी हैं। कई विदेशी पहलवानों को धूल चटा चुकी हैं। कविता दलाल अपने भाई के कहने पर पहलवानी की दुनिया में आई।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : अमर उजाला
हुआ यूं कि 13 जून 2016 को कविता दलाल जालंधर में अपने चार साल के बेटे के साथ खली का रेसलिंग शो देखने गई थी। इस शो में पहलवान बुलबुल ने लोगों को खुला चैलेंज दिया। इस चैलेंज को कविता दलाल ने स्वीकार किया और सलवार सूट में होने के बावजूद वे रिंग में उतर गई। उसके बाद ऐसा माहौल बना कि उन्होंने बुलबुल की धुलाई कर दी।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : अमर उजाला
जब बुलबुल की धुलाई की बात द ग्रेट खली तक पहुंची तो उन्होंने कविता दलाल को द ग्रेट खली रिटर्न शो में बुलाया। यहां कविता दलाल ने अमेरिका की रेसलर नटरिया, जिमी जेम व एटीना को करारी शिकस्त देकर खली समेत पूरे देश के लोगों का दिल जीत लिया। अक्टूबर 2016 में उन्होंने हरियाणा के पानीपत में ओपन इंटरनेशनल रेसलिंग चैम्पियनशिप में अमेरिका की दो और एक कनाडा की रेसलर को चित कर दिया।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
कविता दलाल की काबिलियत देखने के बाद खली ने उन्हें ट्रेनिंग देनी शुरू की और डब्ल्यूडब्ल्यूई के लिए तैयार किया, जिसमें उनका सिलेक्शन भी हो चुका है। बता दें कि कविता दलाल हरियाणा के जींद जिले के मालवी गांव निवासी कविता दलाल यूपी के बागपत जनपद के बिजवाड़ा गांव की बहू हैं। 30 साल की कविता दलाल के पिता किसान हैं और वे परिवार में तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटी हैं।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
कविता ने जुलाना के सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की कक्षा पास की। कविता के बड़े भाई संजय ने कविता को वेट लिफ्टिंग के खेल के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2002 में कविता ने फरीदाबाद में वेट लिफ्टिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वर्ष 2003 में कविता ने प्रशिक्षण के लिए बरेली साईं हॉस्टल में दाखिला लिया, लेकिन यहां के प्रशिक्षण से कविता संतुष्ट न हो पाईं। साल 2005 में बीए पूरी कर ली।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
पढ़ाई और ट्रेनिंग के बाद 2008 में कविता ने बतौर कॉन्स्टेबल एसएसबी में नौकरी ज्वाइन की। कविता ने नौकरी लगने के बाद साल 2009 में बड़ौत के रहने वाले गौरव से लव मैरिज की है। गौरव भी एसएसबी में कॉन्स्टेबल हैं और वॉलीबॉल के खिलाड़ी हैं। दोनों का एक पांच साल का एक बेटा है। पर कविता ने शादी के बाद भी रेस्लिंग का जुनून नहीं छोड़ा।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
2010 में कविता ने विभाग से कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए बाहर से प्रशिक्षण दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन विभाग की तरफ से उसे कोई सहयोग नहीं मिला। इससे निराश होकर कविता ने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और कविता यूपी स्थित अपनी ससुराल में रहने लगीं। पति गौरव ने कविता को फिर से खेलों के लिए प्रेरित किया। पति से मिले सहयोग के बाद कविता ने फिर से वेटलिफ्टिंग में अपना अभ्यास शुरू कर दिया।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
पहलवानी की गुर सिखने को कविता दिन में आठ घंटे अभ्यास करती हैं। रिंग में उतरने से पहले जिम और एक्सरसाइज करती हैं। इसके बाद सुबह और शाम को दो से तीन घंटे खली की निगरानी में रिंग में अभ्यास करती हैं। कविता ने अपनी पहली फाइट में नेशनल रेसलर बुलबुल को रिंग में चित कर दिया। कविता की इस फाइट का एक विडियो कई दिनों तक सोशल मीडिया पर भी छाया रहा।
डब्ल्यूडब्ल्यूई में सिलेक्ट होने वाली पहली भारतीय महिला बनकर गर्व महसूस कर रही हूं। उम्मीद है कि मैं इस मंच का इस्तेमाल अन्य महिला पहलवानों को प्रेरित करने के लिए कर पाऊंगी।
- कविता दलाल, रेसलर