फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के बारे में पता चली वो सच्चाई, किसी से सुनी नहीं होगी कभी

Sat, 21 Apr 2018 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 8
वेंकैया नायडू
देश के मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के बारे में एक ऐसी सच्चाई खुलकर सामने आई है, जिसके बारे में जानकर आप यकीं नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन

2 of 8
Venkaiah Naidu
उपराष्ट्रपति एक जमाने में हिंदी भाषा के खिलाफ दक्षिण भारत में शुरू हुए आंदोलन का हिस्सा रहे। छात्र जीवन के दौरान उन्होंने न केवल इस आंदोलन में भाग लिया, बल्कि इस दौरान जिन सरकारी स्थलों पर हिंदी भाषा में लिखा हुआ था, उस पर कालिख पोत दी थी। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के 31वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने एक पुरानी याद ताजा करते हुए सबको हैरत में डाल दिया।

 
विज्ञापन

3 of 8
वैंकेया नायडु
उपराष्ट्रपति ने बताया कि जब उन्हें हिंदी भाषा के महत्व और अपनी गलती का अहसास हुआ तो ऐसा लगा कि उन्होंने वो कालिख डाकघर के लेटर बॉक्स पर नहीं, बल्कि अपने मुंह पर डाली थी, जिसका उन्हें काफी पछतावा भी हुआ था। दरअसल हिंदी पर कालिख पोतने के संस्मरण के जरिए उपराष्ट्रपति ने युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि वे जोश में होश कतई न खोएं। प्रदर्शन और आंदोलन के नाम पर सरकारी और निजी संपत्ति को निशाना कतई न बनाएं।

 

4 of 8
vice president venkaiah naidu - फोटो : Amar Ujala
जिस तरह धरना, प्रदर्शन और आंदोलन करना हमारा अधिकार है, उसी तरह सरकारी और गैर सरकारी संपत्ति को हम किसी भी सूरत में क्षति न पहुंचाएं। ये दायित्व भी प्रत्येक देशवासी का है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज हिंदी भाषा के साथ युवाओं को अन्य भाषाओं का भी ज्ञान होना जरूरी है। हिंदी के बिना देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ बनाने के लिए हिंदी के साथ सभी भाषाओं का ज्ञान जरूरी है।  
 
विज्ञापन

5 of 8
Venkaiah Naidu
इस तरह भी खास बना ये मंच  
उपराष्ट्रपति का वक्तव्य भले भारत की अनमोल संस्कृति में रचा-बसा रहा, पर साथ ही केयू के मंच पर जो खास फ्रेम बना उसमें विशुद्ध भारतीय संस्कृति के दर्शन भी हुए। यह दूसरी बार था जब हरियाणा की मदर यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भले पुराने ढर्रे को छोड़ भारतीय परिधान अपनाया गया था। इसके अलावा इस दीक्षांत समारोह के मंच पर जो तीन हस्तियां विराजमान रहीं वे दक्षिण भारत, मध्य प्रदेश, हरियाणा के पहनावे का भी प्रतिनिधित्व करती नजर आईं।  
विज्ञापन

6 of 8
वेंकैया नायडू - फोटो : self
जुलाई में जन्मी तीनों हस्तियां दिखीं पारंपरिक पहनावे में  
आंध्र प्रदेश में जन्मे भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू लुंगी-कुर्ता, मध्य प्रदेश में जन्मे हरियाणा के राज्यपाल धोती-कुर्ता और हरियाणा के शिक्षामंत्री प्रो.रामबिलास शर्मा पारंपरिक कुर्ता-पायजामा में दिखे, जोकि विशेष रूप से नहीं, अमूमन इसी पहनावे में होते हैं। भारतीय सभ्यता पर गर्व करने वाली इन तीनों हस्तियों का जन्म भी जुलाई माह का ही है। इनमें उपराष्ट्रपति एक जुलाई 1949, राज्यपाल एक जुलाई 1939 और शिक्षामंत्री का जन्म 25 जुलाई 1951 का है।    

 
विज्ञापन

7 of 8
vice president venkaiah naidu - फोटो : Amar Ujala
वेद से गुगल व उपनिषद से इंटरनेट के सफर पर बोले वैंकेया
उपराष्ट्रपति का पूरा संबोधन संस्कृति, सभ्यता, विकास और महिलाओं के सम्मान के साथ देश और युवा के स्वर्णिम भविष्य पर आधारित रहा। उन्होंने भारत में वेदों से लेकर गूगल और उपनिषदों से इंटरनेट तक के सफर के बीच हुए परिवर्तन और संभावनाओं के साथ भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत संभालने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आईटी और इंटरनेट गूगल का जमाना है, लेकिन गुरु का स्थान गूगल कभी नहीं ले सकेगा।
विज्ञापन

8 of 8
Venkaiah Naidu
रेप जैसी घटनाओं का दर्द आया बाहर
 उपराष्ट्रपति ने कठुआ व देश के दूसरे हिस्सों में बच्चियों व महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे शर्मनाक बताया। केयू में बेटियों की उपलब्धियों पर गदगद् उपराष्ट्रपति ने वैदिक काल से बेटियों के सम्मान का स्मरण कराते हुए कहा कि केवल शिक्षा, रक्षा और धन की देवी ही नहीं, बल्कि इस देश की सभी नदियों के नाम भी महिलाओं के नाम पर हैं। जो इस बात का प्रमाण है कि वेदों में महिलाओं को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें