एक महीना पहले ही बेटे का जन्म हुआ, लेकिन उसका चेहरा देखे बिना ही पिता शहीद हो गए। वहीं शहीद की मां और पत्नी बेसुध हैं, तस्वीरों में देखिए हाल।
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जवान सुखदयाल सिंह शहीद
जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ को रोकते हुए घायल हुए पठानकोट जिले के गांव समराला निवासी जवान सुखदयाल सिंह ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। सुखदयाल सिंह को कुपवाड़ा में पाक आतंकियों का सामना करते हुए दस दिन पहले गोली लगी थी। तभी से दिल्ली के मिलिट्री अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
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जवान सुखदयाल सिंह शहीद
बताया जा रहा है कि डाक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन मंगलवार को सुखदयाल सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं मंगलवार को सुखदयाल की शहादत की खबर पहुंचते ही शहीद के परिवार समेत पूरा गांव शोक में डूब गया।
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जवान सुखदयाल सिंह शहीद
26 वर्षीय शहीद सुखदयाल सिंह वर्ष 2013 में भारतीय सेना के 28-नेशनल राइफल्स में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। दिसंबर 2016 में सुखदयाल की शादी पल्लवी से हुई। परिवारजनों के मुताबिक पल्लवी ने एक महीना पहले ही बेटे को जन्म दिया है, लेकिन सुखदयाल अपने बेटे का चेहरा भी नहीं देख पाए।
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जवान सुखदयाल सिंह शहीद
उधर सुखदयाल की मौत की खबर सुनते ही उनकी पत्नी पल्लवी बेहोश हो गई। पल्लवी को स्थानीय अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। शहादत की खबर सुनते ही शहीद की मां संतोष कुमारी, ताया महावीर सिंह का भी रो रोकर बुरा हाल है।
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जवान सुखदयाल सिंह शहीद
मां संतोष ने बताया कि सुखदयाल डेढ़ महीना पहले ही छुट्टी पर आया था और उसके जाने के चार दिन बाद ही बेटे का जन्म हो गया था, लेकिन सोचा नहीं था कि सुखदयाल अपने बेटे का चेहरा देखे बिना ही दुनिया से चला जाएगा।
मां ने बताया कि उसका सबसे छोटा बेटा सुखदयाल बचपन से ही आर्मी में भर्ती होने की बाते करता था और कहता था कि वह देश की सेवा करेंगा और दुश्मनों को मार गिराएगा। उसने मेहनत की और सेना में भर्ती हो गया।