सरकार ने एक अप्रैल से लोगों से जुड़ी 10 सुविधाओं में बदलाव कर दिया है। इनमें से कुछ तो फायदेमंद हैं, वहीं कुछ से नुकसान उठाना पड़ेगा। खुद देख लीजिए।
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indian railway
रेलवे ने बदला ये नियमः इंडियन रेलवे अपने पैसेंजर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। अगर आपने टिकट बुक कराया और आपका टिकट कन्फर्म ना होकर वेटिंग लिस्ट में ही रहा तो आपको राजधनी या शताब्दी में सफर करने का मौका मिलेगा। इसके लिए टिकट बुक करते हुए आपको 'विकल्प' चुनना है। रेलवे 1 अप्रैल से ये नई योजना शुरू कर दी है।
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
बैंकों के बदलने वाले नियमः देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कि एटीएम ट्रांजेक्शन नियम बदल गया। एक अप्रैल से एसबीआई ग्राहक सिर्फ 3 बार खातों में मुफ्त पैसे जमा कर पाएंगे। इसके बाद हर डिपॉजिट पर 50 रुपये का शुल्क लगेगा। इसके साथ ही बैंक के एटीएम से भी 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन के बाद 10 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन का चार्ज लगेगा। SBI 1 अप्रैल से एसएमएस सेवा के लिए भी चार्ज लेना शुरू करेगी।
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एसबीआई
एसबीआई में 5 बैंकों का विलय हुआः 1 अप्रैल से देश में 5 बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला एसबीआई में शामिल होंगे और अलग बैंक की तरह बंद होकर एसबीआई का ही हिस्सा हो जाएंगे। अलावा भारतीय महिला बैंक भी एसबीआई में शामिल होंगी।
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प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रॉपर्टी के लेनदेन के नियम में बदलावः 50,000 से ज्यादा का मकान का किराया पाने वालों को 5 फीसदी अतिरिक्त टीडीएस देना होगा। वहीं लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स में टैक्स ऐसेसमेंट करने के लिए महंगाई और कैपिटल की गणना का साल भी बदला गया है। इसे 1 अप्रैल, 1981 की कीमतों से बढ़ाकर 1 अप्रैल, 2001 कर दिया है। इस बदलाव के बाद प्रॉपर्टी बेचने से मिलने वाला मुनाफा कम हो जाएगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना
कैपिटल गेन टैक्स से बचने के लिए प्रॉपर्टी को रखने की टाइम-लिमिट हो जाएगी। इसे 3 साल से घटाकर 2 साल किया जाएगा। इस बदलाव से अब आपकी 2 साल पुरानी संपत्ति को बेचने पर 20 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा वहीं बेचने के बाद उसे फिर से निवेश करने की स्थिति में वह छूट का हकदार होगा। यानी प्रॉपर्टी बेचने में हुए कैपिटल गेन्स को अगर गवर्नमेंट लिस्टिड बॉन्ड में इंवेस्ट किया जाता है तो आपको टैक्स छूट मिल पाएगी।
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tax evasion
इनकम टैक्स का नियम बदलाः 1 जुलाई से इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त आधार नंबर का होना जरूरी होगा। इसके बिना आप आईटी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। साथ ही 1 जुलाई से इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त आधार नंबर का होना जरूरी होगा। इसके बिना आप आईटी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। 5 लाख तक की बिजनेस आमदनी वालों के लिए आईटीआर भरते समय एक ही फॉर्म होगा जो कि पहले के मुकाबले आसान होगा।
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अायकर विभाग
पहले एक से ज्यादा फॉर्म होते थे। 5 लाख रुप से ज्यादा सालाना आमदनी (नॉन-बिजनेस इनकम) वालों के लिए 1 पेज का टैक्स रिटर्न फॉर्म जारी किया जाएगा। वहीं पहली बार इस कैटेगरी में टैक्स रिटर्न भरने वालों के फॉर्म की स्क्रूटनी नहीं होगी। केंद्र सरकार ने वस्तुओं ओर सेवाओं की खरीद के दौरान 2 लाख रुपये से ज्यादा के कैश पेमेंट पर लगने वाले टैक्स को खत्म किया है।
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ATM
1 अप्रैल से 2 लाख से ऊपर के कैश ट्रांजेक्शन पर रोक लगाने के बाद यह फैसला किया गया है। वित्त वर्ष 2017- 18 के लिए टैक्स रिटर्न भरने में देरी करने वालों पर 5000 रुपये की पेनाल्टी लगने का नियम शुरू हो जाएगा। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए टैक्स रिटर्न भरने में देरी होने की स्थिति में 5,000 रुपये की पेनाल्टी लगेगी यदि रिटर्न 31 दिसंबर 2018 तक दाखिल कर दिया गया है।
जैसा कि आप जानते हैं आईटी-रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है। वहीं 31 दिसंबर के बाद आईटी रिटर्न भरने वालों पर 10,000 रुपये की पेनल्टी लगाई जाएगी। हालांकि छोटे टैक्सपेयर्स (5 लाख आय) वालों को कुछ राहत मिलेगी क्योंकि उनके लिए यह पेनाल्टी 1000 रुपये रहेगी।