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बेटे ने छुए पैर, बेटी ने किया सेल्यूट, तब चली शहीद की शवयात्रा...बच्चे बोल गए बड़ी बात

Tue, 17 Jul 2018 02:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जलालाबाद (फिरोजपुर)
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शहीद जवान का अंतिम संस्कार
13 साल के बेटे ने पैर छुए, बेटी ने सेल्यूट किया, फिर चली शहीद की शवयात्रा। इस दौरान दोनों बच्चों ने ऐसी बात कही, सुनकर मां और दादी फूट-फूट कर रोई। देखिए रुला देने वाली तस्वीरें...
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शहीद जवान का अंतिम संस्कार
छत्तीसगढ़ में नकसलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए पंजाब में जलालाबाद से जवान मुख्तियार सिंह का सोमवार देर शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद पिता को बेटे इंद्रजीत सिंह ने मुखग्नि दी। वहीं इससे पहले बेटे ने शहीद पिता के पैर छूकर नमन किया, वहीं बेटी जसबीन कौर ने सेल्यूट करके उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बेटे ने कहा कि डैडी दा परसों टेलीफोन आया सी, डैडी कहदें सी मैं 15 अगस्त नूं छुट्टी लै के आवांगा, अपना ख्याल रखीं ते मन ला के पढ़ाई करीं।
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शहीद जवान का अंतिम संस्कार
शहीद मुख्तियार की पत्नी मलकीत कौर ने कहा कि परसों उनका फोन आया था। उन्होंने मुख्तियार से कहा कि घर की मरम्मत करवाने वाली हो गई है। घर में पीओपी और रंगरोगन करवाना है। मुख्तियार ने कहा था कि वह पंद्रह अगस्त को छुट्टी लेकर आएगा, इससे पहले मिस्त्री लगाकर घर की मरम्मत करवा लो। भाई शेर सिंह ने मांग की कि सरकार उसके भाई की पत्नी को नौकरी दे। बच्चों की पढ़ाई लिखाई का सारा खर्च उठाए। मां भगवान कौर की आर्थिक मदद की जाए।

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शहीद जवान का अंतिम संस्कार
बता दें कि सोमवार दोपहर पौने तीन बजे जैसे ही तिरंगे में लिपटे ताबूत में शहीद मुख्तियार सिंह की पार्थिव देह गांव फत्तूवाला पहुंची तो पत्नी और दोनों बच्चे उससे लिपट कर खूब रोए। जैसे ही बीएसएफ का वाहन ताबूत लेकर गांव पहुंचा लोगों ने जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। बीएसएफ के अधिकारी शहीद मुख्तियार का पार्थिव शरीर अमृतसर एयरपोर्ट से वाया रोड लेकर गांव फत्तूवाला में दोपहर पौने तीन बजे पहुंचे। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए गांव में सैकड़ों लोग सुबह से ही इंतजार कर रहे थे।
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शहीद जवान का अंतिम संस्कार
सारे रीति रिवाज पूरे करने के बाद परिजन घर से डेढ़ किलोमीटर दूर पैदल ही अर्थी लेकर श्मशानघाट पहुंचे। श्मशानघाट पहुंचते ही शहीद का शव बीएसएफ ने ले लिया। अधिकारियों ने शहीद के शव पर फूल मालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। परिवार के सभी सदस्यों ने भी शहीद को फूल अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उसके बाद बीएसएफ के जवानों ने हथियारों से फायर कर शहीद मुख्तियार सिंह को सलामी दी। धार्मिक रीति रिवाज पूरे करने के बाद शहीद के बेटे इंद्रजीत सिंह ने उन्हें मुखग्नि दी।
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शहीद जवान का अंतिम संस्कार
जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में नकसलियों के हमले में बीएसएफ के जवान मुख्तियार सिंह शहीद हो गए थे। वे पंजाब में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक बसे गांव फत्तूवाला के रहने वाले थे। रविवार सुबह साढ़े सात बजे परिवार को उनकी शहादत की खबर मिली तो घर में चीख पुकार मच गई। पूरा गांव शहीद के घर पहुंच गया, लेकिन शाम पांच बजे तक कोई नेता या जिला व पुलिस प्रशासन का अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। वहीं गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।
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शहीद जवान का अंतिम संस्कार
मुख्तियार सिंह बीएसएफ बटालियन 114 में तैनात था। मुख्तियार की भर्ती 2002 में हुई थी। मुख्तियार के बड़े भाई शेर सिंह बिजली विभाग में तैनात है। मुख्तियार सिंह ने बीएसएफ ज्वॉइन करने के बाद जलालाबाद, जेएंडके, वेस्ट बंगाल, त्रिपुरा और असम में नौकरी की। अब छत्तीसगढ़ में तैनात था। मुख्तियार के शहीद होने के बाद परिवार में उनकी मां भगवान कौर (65) और पत्नी मलकीत कौर और दो बच्चे इंद्रजीत सिंह और जसबीन कौर रह गए हैं।
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