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Pics: मदर्स डे पर इकलौता बेटा शहीद, मां सेहरा बांधने की तैयारी में थी...घट गई अनहोनी

Sun, 13 May 2018 05:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
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जवान मनदीप कुमार
मां उसके सिर पर सेहरा बांधने की तैयारी में थी, लेकिन घट गई अनहोनी और मदर्स डे पर शहीद हो गया इकलौता बेटा। दर्दनाक कहानी...

 
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जवान मनदीप कुमार
हम बात कर रहे हैं बॉर्डर पर आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए मनदीप कुमार (29) की, जिसकी अभी तक शादी भी नहीं हुई थी। कांस्टेबल मनदीप कुमार कुंती देवी और नानक चंद के इकलौते बेटे थे। उनकी मां को अभी तक बेटे की शहादत के बारे में बताया नहीं गया है। कुंती देवी दो दिन बाद बेटे के लिए लड़की देखने के लिए जाने वाली थी, मगर बेटे की शहादत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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आतंकियों से मुठभेड़
दिल में ही रह गए बेटे की शादी के अरमान
मनदीप के पिता नानक चंद ने बताया कि मनदीप जाते समय उन्हें कह कर गया था कि वह अगली छुट्टी के बाद शादी कर लेगा। इसलिए वह नया घर भी बना रहे थे और अपने बेटे के लिए लड़की भी तलाश रहे थे। एक लड़की के परिवार ससे बातचीत होने के चलते वह एक दो दिन में उसे देखने के लिए जाने वाले थे, कि उसके शहीद होने की खबर उनके घर पहुंच गई। इसके चलते बेटे की शादी को लेकर संजोए सपने उनके दिल में ही रह गए।

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आतंकी ढेर - फोटो : ANI
मां को बताया, टांग में गोली लगी है
मनदीप कुमार के शहीद होने संबंधी उसकी माता कुंती देवी को नहीं बताया गया। उसकी मां को केवल यही बताया गया कि मनदीप कुमार की टांग पर गोली लगी है। किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह उसकी मां को बता पाए कि उसके बेटे ने देश की खातिर अपने प्राण न्योछावर कर दिए हैं। मनदीप के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची तो पूरे गांव में शोक छा गया।
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ENCOUNTER
शहीद मनदीप के पिता रंग रोगन (लेबर) का काम करते हैं। बताते हैं कि मनदीप 2 मई को एक हफ्ते की छुट्टी बिता कर वापस ड्यूटी पर गए थे। मनदीप नया घर बनवा रहे थे। उसे अपने नए घर में बसने की बहुत हसरत थी, पर उसकी हसरत अधूरी रह गई। करीब छह साल पहले वह सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनकी बटालियन वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ से पुलवामा में आई थी।
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encounter
गौरतलब है कि सीआरपीएफ की 182 बटालियन के कांस्टेबल गुरदासपुर के गांव खुदादपुरा निवासी मनदीप कुमार जम्मू कश्मीर के पुलवामा सेक्टर के चिनारबाग गांव में अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ आतंकियों के सर्च अभियान पर थे, तभी इनकी मुठभेड़ पाक प्रशिक्षित आतंकियों से हो गई। दोनों तरफ से हुई भीषण गोलाबारी के बीच एक गोली मनदीप के सीने को भेदते हुए निकल गई।
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encounter
शनिवार को बाद दोपहर जब मनदीप की शहादत की खबर गांव पहुंची तो सारे गांव में मातम पसर गया। शहीद परिवार को ढांढस दने पहुंचे शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि आतंकवाद को कुचलने के लिए अगर सरकार ने कोई ठोस नीति नहीं बनाई तो इन जाबांज सैनिकों की शहादतों का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा।
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