जवानों ने भारतीय सेना के अफसरों को ऐसी टेंशन दे दी है कि नई गाइडलाइन जारी करनी पड़ी। इसके पीछे की वजह है सोशल मीडिया।
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भारतीय सेना
इतना ही नहीं पाक खुफिया एजेंसी की नजर सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव ऐसे भारतीयों पर भी रहती है, जिनके परिजन भारतीय सेनाओं में कार्यरत हों। ऐसे लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर पाक खुफिया एजेंसी अपनी जासूसी जरिया बना रही है। ऐसे में सेना के जवानों का सोशल मीडिया पर एक्टिव होने का कैसे बड़ा नुकसान हो सकता है। सेना मुख्यालय की एक विशेष विंग ने इसके लिए एक खास 58 सेकेंड की वीडियो और मैसेज तैयार किया है।
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- फोटो : AMAR UJALA
सेना ने इसे सोशल मीडिया के जरिए ही प्रचारित करना शुरू कर दिया है। इस वीडियो में बताया गया है कि एक जवान द्वारा भेजा गया वीडियो, कैसे वॉयरल होकर दुश्मनों तक पहुंचता है, उसके बारे में बताया गया है और कैसे उस वीडियो का गलत तथ्यों केसाथ प्रचार होता है, वो भी बताया गया है। वीडियो के अलावा तैयार मैसेज में कहा गया है कि 'सिपाही सोशल एक निडर, साहसी तेज सैनिक, लेकिन मोबाइल पर मैसेज फॉरवर्ड करने में भी तेज।
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जो मिला कर दिया फॉरवर्ड, बिना सोचे-समझे। नतीजा एक पछतावा हर दिन, क्योंकि ज्यादातर मैसेज गलत और फरेब से भरे, इसलिए कम से कम फॉरवर्ड करें मैसेज, ये आपकी विश्वसनीयता के लिए ठीक है। उधर, इसी कड़ी में सेना ने विभिन्न यूनिटों व अपने कार्यालयों में इसी से संबंधित जागरूकता पोस्टरों के जरिए जवानों को ये बताया जा रहा है कि वे कहीं भी जाएं तो अनजान लोगों से एकदम घुल-मिल न जाएं। अनजान लोगों से जवान बातचीत का दायरा बनाकर रखें और अपने बारे में तमाम जानकारियां उससे सांझा न करें।
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सोशल मीडिया के नियमों का पालन करें जवान
तीनों सेनाओं, आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के अफसरों व जवानों के लिए एक सोशल मीडिया पॉलिसी बनी हुई है। जिसके दायरे में ही रहकर जवानों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की अनुमति है। इसलिए जवानों को निर्देश है कि वे इससे जुड़े नियमों की पालना करें। इन नियमों में सोशल मीडिया पर जवान और अफसर अपनी रैंक्स, पोस्टिंग की जगह, यूनिट और कॉर्पस के बारे में कोई जानकारी न दें।
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ऐसी फोटो, वीडियो या कमेंट्स न करें, जिससे यूनिट, संस्थान या फिर कोई और खास जानकारी का पता चले, किसी भी ऑपरेशनल प्लान के बारे में जो होने वाला हो या हो चुका हो उसके बारे में भी कोई चर्चा न करें, किसी भी स्थिति में कोई भी व्यक्तिगत रूप से अपनी ऑफि शियल पहचान को उजागर न करें, रैंक, यूनिट, अप्वाइंटमेंट, प्लेस ऑफ ड्यूटी और अपने मूवमेंट के बारे में कोई भी जानकारी अपलोड न करें।
यूनिफार्म में फोटोग्राफ और ऐसा बैकग्राउंड जहां पर आर्मी के इंस्टॉलेशन या फिर उसके उपकरण नजर आ रहे हों अपलोड न करें, ऐसे किसी भी मैसेज को सर्कुलेट और पोस्ट न करें जो सेना से जुड़ा हो और सेना पर प्रभाव डालता हो, सोशल मीडिया साइट्स पर पॉर्न साइट्स के पॉप अप्स पर क्लिक न करें अनजान व्यक्ति की फ्रंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने से भी बचें, अपने पीसी या लैपटॉप पर सेना से जुड़ी कोई भी जानकारी सेव न करें इत्यादि शामिल हैं।