तेज रफ्तार वाली फुर्ती और अपनी गर्जना से दुश्मनों को दहला देने वाली भारतीय सेना ने पाकिस्तान को अपना दमखम दिखाया, देखिए तस्वीरें।
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भारतीय सेना का अभ्यास
दरअसल, एयरफोर्स के ‘गगनशक्ति’ युद्धाभ्यास के बाद अब आर्मी ने अपना युद्धाभ्यास ‘विजय प्रहार’ शुरू कर दिया है। सेना ने इस युद्धाभ्यास के लिए पंजाब-राजस्थान सीमा के पास पाकिस्तान के एक बॉर्डर एरिया को चुना है। दुश्मन से लड़ने के लिए एक विशेष रणनीति बनाकर इस युद्धाभ्यास को अंजाम दिया जा रहा है।
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भारतीय सेना का अभ्यास
इस युद्धाभ्यास में टैंक रेजीमेंट, हथियारबंद हेलीकॉप्टर, जवान और कमांडो अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं। युद्धाभ्यास आगे भी जारी रहेगा। इसमें सप्त शक्ति कमांड की स्पेशल फोर्स ने भी अपना शक्ति प्रदर्शन किया। युद्धाभ्यास के लिए एक विशेष टास्क तैयार की गई। सप्त शक्ति कमांड की स्पेशल फोर्स के 100 से अधिक कमांडो को हेलीकाप्टर की मदद से मध्यरात्रि में दुश्मन के मुख्यालय में 4 किलोमीटर की ऊंचाई से नीचे उतारा गया।
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भारतीय सेना का अभ्यास
600 से 700 मीटर की ऊंचाई पर इन कमांडो ने अपने पैराशूट खोले और देखते ही देखते अंधेरे में गायब हो गए। दुश्मन जब तक कोई कार्रवाई करता, तब तक इस स्पेशल फोर्स ने मुख्यालय पर हमला बोलकर दुश्मन के मुख्यालय को नष्ट कर दिया। इस ऑपरेशन को अंजाम देकर कमांडो फोर्स फ्रंट लाइन पर तैनात दुश्मन से निपटते हुए लौटी। उनको किसी प्रकार का हवाई साधन भी उपलब्ध नहीं था। स्पेशल फोर्स का ये कॉम्बैट फ्री फॉल ऑपरेशन बहुत खास रहा।
पहली बार ‘एयर कैवेलरी’ के साथ हुआ युद्धाभ्यास
बॉर्डर एरिया में टैंक रेजीमेंट के साथ-साथ ‘एयर कैवेलरी’ ने पहली बार युद्धाभ्यास किया। इन विभिन्न हथियारों और अत्याधुनिक सेंसर से लैस हेलीकॉप्टरों ने बॉर्डर एरिया में टैंक कमांड के साथ दुश्मन के कवच को तोड़ा। टैंकों ने टारगेट बनाकर गोले दागे और टारगेट को नेस्तनाबूद कर दिया।