महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में खड्ग शक्ति-2026 के तहत इस कोर ने वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार की निगरानी में दो दिन का खतरनाक युद्धाभ्यास किया।
वेस्टर्न कमांड की सबसे घातक स्ट्राइक खड्ग कोर के जांबाजों ने पश्चिमी मोर्चे पर मॉर्डन वारफेयर की नई तकनीकों के साथ दुश्मन को अपनी फायर पावर दिखाई। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में खड्ग शक्ति-2026 के तहत इस कोर ने वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार की निगरानी में दो दिन का खतरनाक युद्धाभ्यास किया।
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महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ युद्धाभ्यास
- फोटो : अमर उजाला
युद्ध परिस्थितियों का किया अभ्यास
इस दौरान कोर के जवानों और अफसरों ने बेहद कठिन और विभिन्न युद्ध परिस्थितियों का माहौल बनाते हुए कठिन अभ्यास किया। कमांडर मनोज कटियार ने बताया कि इस अभ्यास ने जांबाजों की विविध युद्ध परिस्थितियों में उनकी गतिशीलता, फायर पावर और तकनीक को एकीकृत कर निर्णायक युद्ध क्षमता में बदलने की योग्यता को प्रदर्शित किया है।
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लड़ाकू हेलिकॉप्टरों ने भी दिखाई अपनी ताकत
- फोटो : अमर उजाला
जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर रहे मौजूद
युद्धाभ्यास के दौरान विभिन्न फॉर्मेशनों को तीव्र सूचना प्रवाह और विभिन्न तरह के खतरों के दौरान कम समय में फैसला लेकर तत्काल एक्शन लेने की क्षमता पर मुख्य फोकस किया गया, क्योंकि मॉर्डन वारफेयर तकनीक पर ज्यादा आधारित रहेगी। इस दौरान खड्ग कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर भी मौजूद रहे।
युद्धाभ्यास में कमांडरों ने नई तकनीकों पर आधारित विभिन्न सैन्य उपकरणों का भी जायजा लिया और खड्ग कोर की एयर डिफेंस की तैयारियों को भी देखा। आला
अफसरों ने कोर की बहु स्तरीय सुरक्षा प्रणालियों के साथ समन्वय और निगरानी क्षमता भी देखी।
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खड्ग कोर ने किया युद्धाभ्यास
- फोटो : अमर उजाला
फायर पावर के दौरान हथियारों व टैंकों की सटीक फायरडिलीवरी भी दुश्मन के परखच्चे उड़ाने में सक्षम दिखी। युद्धाभ्यास में सेंसर व सुरक्षित संचार नेटवर्क संबंधी उपकरणों समेत अन्य सुरक्षा ढांचों की मजबूत ऑपरेशनल तैयारी भी प्रदर्शित की गई।
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युद्धाभ्यास में टैंक
- फोटो : अमर उजाला
एक साथ आसमान और जमीन से घातक हमला
खड्ग कोर के इस फायर पावर युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टरों ने भी अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय थल सेना के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, आर्मी और एयरफोर्स का ऐसा संयुक्त ऑपरेशन पेश किया गया, जिसके तहत आसमान और जमीन दोनों के जरिये दुश्मन के क्षेत्र में घुसकर सटीक प्रहार से लक्ष्य भेदा जाएगा।