देशवासियों की सुरक्षा को देखते हुए बीएसएफ ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके लागू हो जाने के बाद दुश्मन देश की सीमा में घुसने की हिम्मत नहीं करेगा।
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सेना
दरअसल अब भारत और पाकिस्तान के बॉर्डर एरिया पर सीमाओं की निगेहबानी स्मार्ट फेंसिंग से होगी। सेना ने एक खास प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिस पर काम चल रहा है। पहले चरण में जम्मू और अमृतसर सेक्टर का बॉर्डर एरिया इस प्रोजेक्ट में कवर किया जाएगा। इस स्मार्ट फेंसिंग से जहां बॉर्डर पार से होने वाली घुसपैठ और मुश्किल हो जाएगी, वहीं सरहदों की सुरक्षा भी हाइटेक तकनीक से होगी।
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
जम्मू और कश्मीर से लेकर गुजरात तक 2663 किलोमीटर भारत-पाक की बॉर्डर लाइन मौजूद है, जिसमें से 285 किलोमीटर एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) का एरिया है। इस बॉर्डर एरिया की सुरक्षा बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के हाथ में है, जबकि एलओसी पर कुछ हिस्से में बीएसएफ के साथ-साथ सेना भी तैनात है। पाकिस्तान से सटे इतने लंबे बॉर्डर एरिया पर कई इलाके और कई प्वाइंट्स काफी संवेदनशील है।
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
इन प्वाइंट्स से ड्रग तस्करी और घुसपैठ की सबसे ज्यादा संभावना बनी रहती है। इसी को लेकर बीएसएफ अब और ज्यादा अलर्ट हो गई है। जिसके चलते स्मार्ट फेसिंग का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। स्मार्ट फेसिंग लगाने में भारत इस्राइल और जर्मनी की टेक्नोलॉजी की भी मदद लेगा। इस प्रोजेक्ट में आईआर सेंसर, जूमिंग सिस्टम, अपग्रेड इलेक्ट्रिक सिस्टम समेत कई नई तकनीकों से बॉर्डर फेंसिंग को लैस किया जाएगा।
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
ये टेक्नोलॉजी इतनी अपग्रेड होगी की घुसपैठ करने वाले को पता तक नहीं चल पाएगा कि कब वह बीएसएफ के राडार में फंसा और कब उसपर गोलियों की बौछार हुई। जबकि जूमिंग सिस्टम से तो 3 से 4 किलोमीटर दूर तक किसी भी चीज को फोक्स कर बीएसएफ अपनी बॉर्डर पोस्ट से ही उसकी हरकत को जूम कर साफ देख पाएगी। पाकिस्तान बॉर्डर पर बीएसएफ ने कई ऐसे प्वाइंट चिह्नित किए हैं। इन प्वाइंट्स पर बीएसएफ अब ग्राउंड ऑब्जर्वेशन पोस्ट तैयार करेगी।
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
अभी तक बॉर्डर पर 40 से 50 फुट ऊंची ऑब्जर्वेशन पोस्ट बनाई जाती है। जिस पर चढ़कर सिर्फ दो से तीन जवान तैनात रहते थे, लेकिन अब ग्राउंड लेवल पर कंक्रीट की खास ऑब्जर्वेशन पोस्ट बनाई जा रही है। जहां से पूरी तरह कवर रहकर कई जवान एक साथ सीमाओं की निगरानी कर सकेंगे। इन पोस्टों में जवानों के रहने का इंतजाम भी रहेगा, जोकि अभी तक नहीं होता। इन कंक्रीट पोस्टों को भी तैयार करने का काम बॉर्डर पर तेजी से चल रहा है।
फेसिंग का बेस भी ऊंचा होगा
पाकिस्तान बॉर्डर एरिया पर बीएसएफ ने जर्जर हो रही फेसिंग को भी बदलने का काम शुरू कर दिया है। फेसिंग का बेस भी अब मजबूत कंक्त्रस्ीट का करीब डेढ़ फीट तक ऊंचा किया जा रहा है ताकि फेसिंग को बारिशों के दौरान बाढ़ इत्यादि से सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा जहां-जहां से फेसिंग की तारें जंग की वजह से टूट चुकी है, उन्हें भी बदलने का काम तेजी से किया जा रहा है।