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आर्मी कैंटीन में अवैध बिलिंग की सजा अब जवान और अफसर भुगतेंगे, जानिए कैसे?

Wed, 02 Aug 2017 09:25 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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आर्मी कैंटीन में अवैध बिलिंग
इंडियन आर्मी की कैंटीन में हो रही अवैध बिलिंग रोकने का रास्ता निकाल लिया गया है। इसका हर्जाना सेना के जवानों और अफसरों को भुगतना होगा, जानिए कैसे?
 
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आर्मी कैंटीन में अवैध बिलिंग
सेना के अधीनस्थ सीएसडी (कैंटीन स्टोर डिपो) की अवैध बिलिंग पर शिकंजा कसने की कड़ी में अब जवानों व अफसरों के कोटे पर कैंची की पूरी तैयारी कर ली गई है। सीएसडी में अब हर 500 आश्रितों पर सिर्फ एक करोड़ की सालाना बिलिंग के निर्देश है, जबकि अभी तक ये बिलिंग अनलिमिटिड हो जाती थी। इस बाबत सभी सीएसडी में सेना हाईकमान की ओर से सर्कुलर भेज दिया गया है।
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आर्मी कैंटीन में अवैध बिलिंग
कोटे से कम मिल रहा माल, जवान-अफसर खफा
सीएसडी में इस वक्त जवानों व अफसरों को कोटे से कम सामान देने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिसे लेकर सेना के मौजूदा और पूर्व अफसरों और जवानों में भारी रोष है। सीएसडी में माल खरीद को लेकर इस वक्त जवानों को प्रति माह 5500 रुपये, जेसीओ को 8000 व अफसर को 11000 की लिमिट है। दो सैन्य अफसरों ने बताया कि फिलहाल कैंटीनों में पीछे से माल की सप्लाई कम आने की बात कहकर कोटे से कम सामान दिया गया है। शराब के कोटे को तो एकदम आधा कर दिया गया है।

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आर्मी कैंटीन में अवैध बिलिंग
सभी सीएसडी का आडिट सुनिश्चित होगा
रक्षा मंत्रालय स्तर पर यह बात भी सामने आई है कि विभिन्न यूनिटों में चल रही काफी यूनिट रन कैंटीनों का नियमित आडिट ही नहीं होता, जिसके चलते यहां बिलिंग बेलगाम हो जाती है और इनका आडिट भी नहीं करवाया जाता, इसलिए अब सेना हाईकमान ने सभी सीएसडी में निर्देश भेजे हैं कि वे हर साल अपना आडिट करवाना सुनिश्चित करेंगी।
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आर्मी कैंटीन में अवैध बिलिंग
कैंटीनों में कमीशनखोरी पर कसेगी लगाम
सैन्य सूत्रों के अनुसार बहुत से प्राइवेट कंपनियों के डीलर्स व प्रतिनिधि इन सीएसडी में पूरी तरह से सक्रिय रहते हैं। कैंटीनों के भीतर अपने होर्डिंग्स लगाते हैं और कैंटीन अथारिटी को भी अपने प्रभाव में रखते हैं, जिसके चलते कैंटीनों में उनके उत्पादों को प्रोमोट करने के लिए कमीशनखोरी का खेल भी बखूबी चलता है, लेकिन सीएसडी में भेजे नए निर्देशों के तहत अब कैंटीनों में किसी कंपनी के न तो होर्डिंग्स लगेंगे और न ही कंपनी के डीलर्स एवं प्रतिनिधि की एंट्री कैंटीनों में हो पाएगी। कैंटीन अथारिटी प्राइवेट कंपनियों के प्रतिनिधियों से किसी प्रकार की परस्पर क्रिया नहीं करेंगे।
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आर्मी कैंटीन में अवैध बिलिंग
पूर्व सैनिक खोलेंगे मोर्चा
कैंटीनों की खरीद पर कैंची की तैयारी के खिलाफ पूर्व सैनिक लामबंद हो गए हैं। एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष सूबेदार अत्तर सिंह मुल्तानी व महासचिव सार्जेंट खुशबीर सिंह दत्त ने बताया कि सीएसडी में अवैध बिलिंग पर नकेल कसी जाए, ये तो ठीक है, लेकिन मौजूदा व पूर्व जवानों, अफसरों का कोटा कम करना उचित नहीं है। संगठन इस बाबत सेना के आला अफसरों से मिलकर अपना विरोध जाहिर करेगा। मंगलवार को संगठन इस मसले पर मीटिंग कर आगामी रणनीति तय करेगा।
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