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भारतीय सेना के जांबाज जवान, नींबू पानी और लस्सी पीकर बने हैं सरहद के निगहबान, विशेष रिपोर्ट

Wed, 03 Jul 2019 11:09 AM IST
खुशबू गोयल अनिल कुमार, अमर उजाला, हुसैनीवाला बॉर्डर (फिरोजपुर)
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सरहद पर तैनात जवान - फोटो : अमर उजाला
तपती गर्मी और लू से जहां लोग बेहाल हैं, वहां सेना के जांबाज जवान कड़ी धूप में भी सरहद के निगहबान बने हुए हैं। ये विशेष रिपोर्ट पढ़कर जानिए कैसे...
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बीएसएफ ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
भीषण गर्मी में सरहद पर बीएसएफ के जवान नींबू पानी और लस्सी पीकर डटे हुए हैं। वे पाकिस्तान से भारत में आ रहे सतलुज दरिया के किनारे लोहे की चादर की झोपड़ी बनाकर दुश्मन देश की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। जवानों का कहना है कि भरी गर्मी में गश्त करना बहुत मुश्किल कार्य है। विभाग की तरफ से उन्हें समय पर चाय, ठंडा पानी, नींबू पानी व लस्सी उपलब्ध करवाई जा रही है, लेकिन गर्मी में परेशानी होती ही है।
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बीएसएफ ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
जवानों का कहना है कि इन दिनों खेतों में धान की फसल बिछी हुई है। खेतों में पानी भरा हुआ है। तपती धूप में खेत का पानी उबल रहा है, पानी से उमस वाली गर्मी पैदा हो रही है। ऐसे में सरहद के किनारे वर्दी में हथियार लेकर गश्त करने में काफी मुश्किल होती है। सरहद पर लगी फेंसिंग के साथ-साथ सूखी मिट्टी पाउडर बनी हुई है। जैसे ही जवान कदम रखते हैं, मिट्टी धूल की तरह उड़ती है, जिससे सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।

 

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बीएसएफ ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
जवानों का कहना है कि तपती गर्मी में गश्त करना आसान नहीं है, लेकिन ऐसी स्थिति में भी दुश्मन पर पैनी नजर रखना उनका कर्तव्य है। क्योंकि सरहद पर कुछ ऐसे प्वाइंट हैं, जहां पर दुश्मनों व तस्करों की गतिविधियां होती रहती हैं। उन पर नजर रखने के लिए लोहे की चादर की झोपड़ी बनाकर चौकसी बरती जा रही है। गर्मी में लोहे की चादर भी तपती है। हालांकि सरहद से सटे गांवों के लोग उन्हें काफी सहयोग करते हैं। 
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बीएसएफ ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था - फोटो : फाइल फोटो
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सरहद पर गर्मी के दौरान ड्यूटी देने वाले जवानों को समय-समय पर नींबू पानी, ठंडा पानी और लस्सी मुहैया करवाई जाती है, ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिले। जवानों को गर्मी और ठंड दोनों में कार्य करने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। इसलिए जवानों को दोनों सीजन में काम करने में कोई परेशानी नहीं होती है।
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