नोटबंदी के बाद अगर आपने बैंक खाते में मोटा कैश जमा कराया है तो इसका अंजाम भुगतने के लिए भी तैयार रहें। जानिए आखिर क्या है माजरा?
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रुपये निकालने के लिए बैंक में लगीं कतारें
- फोटो : AmarUjala
दरअसल, बैंकों में होने वाले संदिग्ध या असामान्य लेन-देन पर सेंट्रल नेशनल एजेंसी ‘फाइनेंस इंटेलिजेंस यूनिट’ (एफआईयू) लगातार नजर रख रही है। अगर, किसी ग्राहक ने खाते में इस तरह की ट्रांजेक्शन की है जो इससे पहले कभी नहीं की तो ध्यान रखें। क्योंकि असामान्य या संदिग्ध ट्रांजेक्शन को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और एफआईयू गंभीरता से ले रही है।
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रुपये निकालने के लिए बैंक में लगीं कतारें
- फोटो : Bureau
अगर, किसी व्यक्ति ने यह सोचकर कि ढाई लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं पड़ेगा और न ही सरकार कोई सवाल करेगी यह राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली है तो आरबीआई या एफआईयू उनसे पूछताछ कर सकती है। ऐसा तब होगा अगर आपने इससे पहले कभी इतनी बड़ी राशि अपने खाते में ट्रांसफर नहीं की है।
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बैंक में उपभोक्ताओं की लगी कतार
आरबीआई के रिजनल डायरेक्टर निर्मल चंद के अनुसार बैंकों में होने वाले रोजाना के असामान्य और संदिग्ध लेन-देन की सेंट्रल एजेंसी एफआईयू पड़ताल कर रही है। अगर कहीं भी कोई संदिग्ध लेन-देन सामने आता है तो एजेंसी बैंक के जोनल आफिस या सीधा शाखा स्तर पर जांच करती है। फिलहाल एफआईयू अपने स्तर पर खुद काम कर रही है।
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बैंक में उपभोक्ताओं की लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
निर्मल चंद ने बताया कि वर्षों से जिन खातों में कोई लेन-देन नहीं हुआ या जिन्हें साइलेंट अकाउंट कहते हैं, उनमें अगर 8 नवंबर के बाद कोई ट्रांजेक्शन हुआ है तो आरबीआई उसकी भी जांच करेगी। हालांकि, ऐसे खातों को फिर से शुरू करने के लिए ग्राहकों को पहले बैंक से अपील करनी होती है। इसके बाद ही इन्हें शुरू किया जाता है। ऐसे में अगर इन खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर की गई है तो बैंकों से इस मामले में जवाब मांगा जाएगा।
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बैंक में पैसा निकासी के लिए लगी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
निर्मल चंद ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ के सभी बैंकों में रोजाना कैश भेजा जा रहा है। इसके अलावा हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के कई शहरों की शाखाओं को भी बैंक सीधा कैश दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि आरबीआई में कैश की कोई कमी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि बैंकों की डिमांड पहले से बहुत अधिक है। इसलिए सभी को एक तय सीमा में ही नोट दिए जा रहे हैं।
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बैंक के एटीएम पर पैसा निकालने के लिए लगी लोगों की लंबी कतार।
निर्मल चंद ने आम लोगों और खासकर व्यापारी वर्ग से अपील की है कि वह 100 और 500 के नोट के लिए होड़ न मचाएं। साथ ही 100 रुपये के नोट की जमाबंदी न करें। क्योंकि देखा जा रहा है कि पिछले 13 दिनों में बैंकों ने इतना कैश जारी किया है, लेकिन उसके मुकाबले 100 रुपये के नोट बैंकों में नहीं पहुंच पा रहे है। इसलिए उन्होंने समाज के सभी वर्गों से 100 के नोट को प्रचलन में लाने की अपील की है।
बैंक से पैसा निकलवाने के कतार में लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा है कि बाजार पर नोटों का दबाव न पड़े। इसके लिए सभी लोग खासकर युवा वर्ग ई-पेमेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। रोजमर्रा के कामों के लिए वह मोबाइल वॉलेट, पेटीएम, डेबिट कार्ड, प्लास्टिक मनी आदि तरीकों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं दुकानदार रोजाना की सेल को अगर अपने करंट या सेविंग अकाउंट में जमा कराएं तो नोटों का सर्कुलेशन सही तरीके से चलता रहेगा और लोगों को परेशानी भी नहीं होगी।