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जानिए आखिर कैसे टूटी हनीप्रीत, कैसे कबूला जुर्म, असली सच आया सामने?

Sat, 14 Oct 2017 09:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा/पंचकूला
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पंचकूला कोर्ट में हनीप्रीत
6 दिन रिमांड में रहने के बाद आखिरकार हनीप्रीत टूट ही गई और उसने अपना जुर्म कबूल लिया। टेढ़ी खीर, सीधी कैसे हो गई, जानिए असली सच?
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Honeypreet Insan Arrest
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार डेरा समर्थकों के बयानों के बारे में जब पुलिस ने पूछताछ की तो हनीप्रीत सवालों में उलझकर कई गुनाह कबूल गई। हनीप्रीत ने 25 अगस्त की पंचकूला हिंसा में भी अहम भूमिका निभाई थी। अब तक की पूछताछ में जिन पहलुओं पर खुलासा हुआ है, उसे जोड़कर देखा जाए तो हनीप्रीत की भूमिका साफ हो जाती है। सूत्रों का कहना है कि तीन दिन का रिमांड बढ़ने के बाद हनीप्रीत थोड़ी टूटी है और उसने दंगे की साजिश में खुद के शामिल होने की बात कबूली है।
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पंचकूला कोर्ट में हनीप्रीत
राम रहीम की पेशी के दौरान हनीप्रीत ने लाल सूटकेस से खूनी खेल की शुरुआत की। उसने साजिश रचने के लिए 17 अगस्त को सिरसा डेरे में हुई बैठक में भी हिस्सा लिया था। पंचकूला के तमाम रास्तों का नक्शा, डेरा समर्थकों के इकट्ठा होने का ठिकाना, सवा करोड़ रुपये मुहैया कराने, डेराप्रेमियों के खाने पीने और कोर्ट के फैसले के मुताबिक भीड़ को उसी दिशा में मोड़ने में हनीप्रीत की अहम भूमिका रही। ये सब बातें अब तक गिरफ्तार हुए डेरा समर्थक भी पुलिस पूछताछ में बता चुके हैं।

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हनीप्रीत - फोटो : SELF
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि हनीप्रीत ने इस दौरान न केवल देश भर के डेरा समर्थकों बल्कि इंटरनेशनल कॉल के जरिये विदेश में रहने वाले डेरे के नजदीकियों से भी कई अहम जानकारियां शेयर कीं। हालांकि किसी भी पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस के सामने तमाम सच्चाई बयां करने की बात हनीप्रीत अदालत में भी कह चुकी है। छह दिनों के रिमांड के दौरान उसने टुकड़ों में गुनाह कबूले हैं, जिसकी पुष्टि करने में एसआईटी जुटी हुई है।
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राम रहीम की 'लाड़ली' हनीप्रीत
पुलिस की नजर अब हनीप्रीत के मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेशनल सिम सहित तमाम इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को बरामद करना है, क्योंकि गुनाह के सबूत इनसे ही मिलने की उम्मीद है। डेरा प्रमुख की कोर्ट में पेशी के दौरान हनीप्रीत ने कुछ हिंसा फलाने के संकेत, जिसमें लाल सूटकेश से खूनी खेल की शुरुआत, डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश से संबंधित पहलुओं पर 17 अगस्त को सिरसा डेरे में हुई मीटिंग में चर्चा हुई थी।
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Honeypreet Insan Arrest
सूत्रों के मुताबिक पंचकूला के तमाम रास्तों का नक्शा, डेरा समर्थकों के इकट्ठा होने का ठिकाना, सवा करोड़ रुपये मुहैया कराने, डेरा प्रेमियों के खाने पीने और कोर्ट के फैसले के मुताबिक भीड़ को उसी दिशा में प्रेरित करने में हनीप्रीत की अहम भूमिका रही। इसके लिए भी हनीप्रीत ने सूचना तकनीक के सभी माध्यमों का इस्तेमाल किया, जहां पहुंचने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
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Honeypreet Insan Arrest
दंगे में सीधी भूमिका न जताने का प्रयास
जेल तक बाबा के साथ जाकर, हनीप्रीत ने यह जताने की कोशिश की कि दंगे से उसका सीधे तौर पर संबंध नहीं है। लेकिन दूर रहकर भी हनीप्रीत डेरे के नजदीकियों से जुड़ी रही। उस दिन के कॉल रिकॉर्ड्स और डंप डाटा भी खंगाले गए, जिसमें हनीप्रीत की भूमिका होने का सूत्र दावा कर रहे हैं। हनीप्रीत ने पुलिस को अब तक इसलिए गुमराह किया, ताकि मोबाइल-लैपटॉप और इंटरनेशनल सिम बरामद न हो सके। इनकी बरामदगी से कॉल्स, मैसेज, वीडियो सहित दंगे से जुड़े लोगों का पर्दाफाश हो जाएगा।

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Honeypreet Insan
मोबाइल-लैपटॉप के बारे में नहीं बता रही
सुनारिया जेल तक डेराप्रमुख के साथ जाकर हनीप्रीत ने यह जताने की कोशिश की कि पंचकूला में दंगे से उसका सीधे तौर पर संबंध नहीं है। लेकिन दूर रहकर भी हनीप्रीत डेरे के समर्थकों से जुड़ी रहीं। सूत्रों के मुताबिक, यही कारण है कि वह अब तक अपने मोबाइल-लैपटॉप और सिम का पता नहीं बता रही है। इनकी बरामदगी से हनीप्रीत और दंगे से जुड़े तमाम लोगों का पर्दाफाश हो जाएगा।

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हनीप्रीत इन्सां - फोटो : The Hindu
बठिंडा के जंगीराना में एक हफ्ते रुकी थी हनीप्रीत
रिमांड बढ़ाए जाने के बाद हनीप्रीत से लैपटॉप, मोबाइल, इंटरनेशनल सिम, नक्शे की बरामदगी सहित दंगे के मामले में फरार आरोपियों की तलाश में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम दूसरी बार हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर बठिंडा पहुंची। इस दौरान पुलिस ने उन ठिकानों पर छानबीन की, जहां हनीप्रीत एक सप्ताह से अधिक रुकी थी। छह दिन के रिमांड के दौरान भी पुलिस उसे लेकर बठिंडा ले गई थी। हालांकि इस दौरान पुलिस कुछ बरामद नहीं कर सकी। सुखदीप के रिश्तेदारों से पूछताछ करके लौट गई।

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Honeypreet Insan Arrest
पंचकूला पुलिस बुधवार को दोनों को लेकर गांव जंगीराना में महिंदर सिंह के घर पहुंची। हनीप्रीत ने मंगलवार को खुलासा किया था कि वह सुखदीप कौर के साथ गांव जंगीराना में एक हफ्ते तक रुकी थी। हालांकि हरियाणा पुलिस की इस कार्रवाई के बारे में स्थानीय पुलिस को पहले कोई जानकारी नहीं थी। सूचना के बाद लोकल पुलिस भी मौके पर पहुंची। पंचकूला पुलिस के डीएसपी मुकेश कुमार ने जंगीराना में सुखदीप कौर की बुआ सास और महिंदर सिंह की पत्नी स्वर्णजीत कौर से पूछताछ की।

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हनीप्रीत से सवाल करती पुलिस
उसने बताया कि सुखदीप कौर उनके घर आई थी। सुखदीप ने कुछ दिनों के लिए अपनी सहेली के साथ यहां रुकने की बात कही थी। इसके बाद हनीप्रीत और सुखदीप उनके घर में करीब एक हफ्ते तक रही। स्वर्णजीत ने बताया कि जब उनका बेटा गुरमीत सिंह अपनी पत्नी रूपिंदर कौर के साथ डीएमसी लुधियाना से घर वापस लौटा तो सुखदीप कौर ने उनको हनीप्रीत के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने दोनों को घर से जाने के लिए कह दिया।

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हनीप्रीत
स्वर्णजीत के अनुसार उनका डेरा सिरसा से कोई नाता नहीं है। करीब डेढ़ घंटे तक जांच करने के बाद हरियाणा पुलिस हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर वापस रवाना हो गई। गांव जंगीराणा के सरपंच निर्मल सिंह ने बताया कि हनीप्रीत के उनके गांव के एक घर में रुकने की भनक किसी को नहीं लगी। क्योंकि घर से बाहर सुखदीप ही आती थी। इसके चलते गांववाले उस पर कोई शक नहीं करते थे। जब घरवालों को हनीप्रीत के बारे में पता चला तो उन्होंने दोनों को निकाल दिया।

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Honeypreet Insan Arrest
गुरसर मोडिया भी पहुंची पुलिस
सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत को आसपास के शहरों में भी ले जाया गया, जिनमें राम रहीम का पैतृक गांव गुरसर मोडिया भी शामिल है, जहां से दंगे की साजिश में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी का सुराग हासिल करेगी। सूत्रों के मुताबिक 38 दिनों में हनीप्रीत गुरसर मोडिया में भी रुकी थी। इस दौरान वह दंगे की साजिश में शामिल अन्य आरोपी आदित्य इंसा, पवन इंसा सहित डेरा के कई नजदीकियों के संपर्क में थी।
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Honeypreet Insan Arrest
पंजाब के एक नेता का भी नाम सामने आ रहा है
छह दिन की रिमांड के दौरान चूंकि हनीप्रीत ने पुलिस को गलत जानकारियां दीं। मंगलवार को जब हनीप्रीत ने पुलिस के सामने तमाम सच्चाई बयां करने का दावा किया तो इसके बाद जितने भी उसने राज उगले, दंगा मामले से उसे जोड़ते हुए सबूतों की बरामदगी के लिहाज से एसआईटी ने दोबारा बठिंडा ले जाने का फैसला लिया। इस दौरान हनीप्रीत कहां कहां रुकी, कौन था उसके संपर्क में और किसने हनीप्रीत को फरार रहते हुए साथ दिया। इसमें पंजाब के एक नेता का भी नाम सामने आ रहा है।
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