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परिवार संग छुट्टियां मनाने बाहर जाना है तो ये सावधानियां बरतें, सेफ रहेगा घर

Fri, 09 Jun 2017 09:14 AM IST
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
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छुट्टियां - फोटो : amar ujala
गर्मी की छुट्टियों में पूरे परिवार संग घूमने जाने का प्लान है तो सावधान हो जाएं और इन सभी बातों का ध्यान रखें। आर्थिक और मानसिक नुकसान नहीं होगा।
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बंद घरों में चोरी
जब भी घर को बंद करके जाएं तो अखबार पड़ोसी को उठाने की जिम्मेदारी सौंप दें। रिश्तेदारी या किसी समारोह में जाने से पहले अपने विश्वास वाले पड़ोसी को ही बताएं और ध्यान रखने को कहें। दूध वाले, सफाई वाले को आने-जाने का पूरा शेड्यूल न बताएं। मकान के दरवाजे, कुंडियां मजबूत लगवाएं, जाने से पहले सभी खिड़कियां और दरवाजे, अलमारी के लॉक चेक करके ही जाएं।
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बंद घरों में चोरी
कमरे के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगवाएं और उसे आप अपने स्मार्ट फोन से जोड़ सकते हैं। गहने और कैश को बैंक लॉकर में रखे, घर की तिजोरियों में उनकी सेफ्टी कम होती है। बता दें कि चोरों के निशाने पर अक्सर बंद घर होते हैं और शहर में इनकी संख्या बहुत ज्यादा है। गर्मी की छुट्टियां हो गई हैं और ऐसे में चोरियां बढ़ जाती हैं।

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बंद घरों में चोरी
चंडीगढ़ सेक्टर-23 स्थित सभी सरकारी मकानों में चोरी की वारदात हर महीने होती है और कारण भी वही है बिना अलॉट हुए खाली या फिर बंद मकान। हाल यह है कि सरकारी कर्मचारी मकान पर ताला लगाकर अपने गांव और रिश्तेदारों के यहां परिवार समेत जाने से भी डरते हैं। लोगों का आरोप है कि 2-4 वारदात के बाद पुलिस गश्त और चेकिंग बढ़ा देती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति पहले जैसी हो जाती है।
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बंद घरों में चोरी
अमर उजाला टीम ने स्मार्ट सिटी में डरकर दिन गुजार रहे सरकारी कर्मचारियों के परिवारों से बातचीत की और उनकी समस्या जानी। सेक्टर-23ए में रहने वाले नरेश कुमार ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उनके घर में चोरी हुई थी। वह परिवार समेत अपने ससुराल यमुनानगर गए थे। घर में हुई चोरी के बारे में पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। अब भविष्य में ऐसी कोई वारदात न हो इसके लिए उन्होंने विदेशी नस्ल का एक कुत्ता पाल लिया।
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बंद घरों में चोरी - फोटो : फाइल फोटो
सेक्टर-23 निवासी जगदीश्वर ने बताया कि घर में ताला लगाकर जाने से पहले उन्हें 10 बार सोचना पड़ता है। यहां रात में ही नहीं, बल्कि दिन में भी चोरियां हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि कहीं जाने से पहले वह अपने किसी रिश्तेदार को घर पर रहने के लिए बुला लेते हैं। सरकारी मकानों में रहने वाले लोगों ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद यहां की जर्जर बिजली की तारें बदली गईं, लेकिन रात में बिजली कट की समस्या बरकरार है।
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Kirron Kher
प्रशासक, सांसद, डीसी ले चुके हैं संज्ञान
चंडीगढ़ में बढ़ती स्नैचिंग, चोरी, लूट, हत्या, नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे बढ़ते क्राइम पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, सांसद किरण खेर और डीसी अजित बालाजी जोशी भी संज्ञान लेकर डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा को पत्र लिख चुके हैं। प्रशासक ने विभाग से साफ कहा है कि उनको शहर में क्राइम का ग्राफ कम नहीं जीरो चाहिए। जबकि सांसद ने बढ़ती नशा प्रवृति पर जवाब मांगा है।
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बंद घरों में चोरी
शहर में खाली और बंद सरकारी मकानों से चोरियों रोकने के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन और बीट पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। लोगों की सतर्कता ही उनका पहला बचाव होता है, बाकी पुलिस अपने तौर पर सुरक्षा-इंतजाम और पेट्रोलिंग कर रही है।
- ईश सिंघल, एसएसपी, यूटी
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