कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग घरेलू नुस्खों के साथ ही अन्य सभी उपाय आजमा रहे हैं। लेकिन कुछ सावधानियां बरतनी होंगी, वरना उल्टा असर भी हो सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लोगों द्वारा सबसे ज्यादा आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन किया जा रहा है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कोरोना से बचाव के लिए जरूरत से ज्यादा लिया जा रहा काढ़ा सेहत बिगाड़ रहा है। आयुर्वेद के विशेषज्ञों का कहना है कि काढ़े का मानक के अनुसार तय मात्रा में सेवन न किया जाना शरीर के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि काढ़ा बनाने में प्रयोग किए जाने वाले आयुर्वेदिक औषधियों की और काढ़े की सही मात्रा की जानकारी लेकर ही इसका सेवन किया जाए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
चंडीगढ़ में नेशनल आयुष मिशन के नोडल ऑफिसर डॉ. राजीव कपिल और सेक्टर- 37 स्थित गवर्नमेंट आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी की सीनियर आयुर्वेदिक फिजिशियन डॉ. आरती ने काढ़े के उपयोग के साथ ही उसे बनाने संबंधी जानकारी और उसके फायदे के बारे में बताया।
ऐसे बनाएं काढ़ा
तुलसी, काली मिर्च, दालचीनी, सौंठ, मुलेठी, अजवाइन, हल्दी को एक साथ मिलाकर पीस लें और इसका पाउडर बना लें। दो चुटकी पाउडर को पानी में मिलाकर काढ़ा बनाएं। उसमें गुड़ भी अपनी स्वाद के अनुसार डालें। काढ़ा बनाने के बाद उसमें दो से तीन बूंद नींबू का रस मिलाएं और दिन में दो बार पिएं।
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उम्र के अनुसार करें सेवन
7 से 10 साल के बच्चे के लिए- 40 एमएल
10 से 15 साल के बच्चे के लिए 60 एमएल
वयस्क के लिए 150 एमएल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
जरूरत से ज्यादा लेने पर ये होता है नुकसान
काढ़े का अधिक सेवन करने से चक्कर आना, पेट और सीने में जलन, मुंह में छाला शरीर में जगह-जगह दाने उभरने जैसी समस्याओं के होने का खतरा रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमे प्रयोग होने वाले अधिकांश सामानों की तासीर गर्म होती है। इसी वजह से इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें तो ठीक रहेगा।
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सांकेतिक चित्र
इसलिए स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है काढ़ा
काढ़े को तैयार करने के लिए आमतौर पर काली मिर्च, सोंठ, पीपली, दालचीनी, हल्दी, गिलोय और अश्वगंधा जैसी कई औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी चीजों की तासीर बहुत गर्म होती है। अगर कोई व्यक्ति इन चीजों का सेवन बेहिसाब करेगा तो उसके शरीर में गर्मी बढ़ सकती है जिससे स्वास्थ्य बहुत प्रभावित होता है।
इसका रखें ध्यान..
अगर आपको काढ़े का नियमित सेवन करने के बाद शरीर में नाक से खून आना, मुंह में छाले पड़ना, पेट में जलन होना, अपच और पेचिश जैसे लक्षण दिखते हैं तो आपको इसका सेवन करना तुरंत बंद कर देना चाहिए।