फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रियल महा 'संग्राम': दो रुपये लेने वाला एक करोड़ जीता

Tue, 21 Jul 2015 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
1 of 6
कभी कुश्ती जीतने पर दो रुपये लेने वाला ये पहलवान अभिनेता एक कुश्ती में दो करोड़ जीतेगा, ये कोई नहीं जानता था। देखिए, कैसे बना 'संग्राम'? रिपोर्टः विनीत तोमर/अनुराग शुक्ला
विज्ञापन

रियल महा 'संग्राम': दो रुपये लेने वाला एक करोड़ जीता

2 of 6
गांव में माटी में कुश्ती सीखने वाले संजीत को भला कौन जानता होगा कि एक दिन यह इतिहास रचेगा। कुश्ती के लिए गुरुजी से जीत के बदले मिलने वाले दो रुपये से संजीत संतुष्ट होता था। हालांकि जोश और जुनून के साथ गुरू जी की प्रेरणा ने उसे संजीत से संग्राम सिंह के रूप में एक करोड़ तक का सफर तय करा दिया।
विज्ञापन

रियल महा 'संग्राम': दो रुपये लेने वाला एक करोड़ जीता

3 of 6
संग्राम सिंह का असली नाम संजीत दांगी है। गांव के श्री महाराज अखाड़े में बड़े भाई संजय दांगी के साथ जाता और धीरे-धीरे इस खेल में ऐसा रम गया कि उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। संजीत के कोच और गुरू जी श्री सतवीर जी महाराज अखाड़े में आने वालों के बीच कुश्ती कराते और उनकी हौसला अफजाई के लिए प्रति कुश्ती दो रुपये ईनाम देते थे।

रियल महा 'संग्राम': दो रुपये लेने वाला एक करोड़ जीता

4 of 6
शुरुआती सफर में संजीत को काफी हार का भी सामना करना पड़ा, लेकिन तब गुरू जी एक ही प्रेरणा देते थे कि आज हारने पर दुखी मत हो। आज हारोगे तभी तुम्हें कल जीत मिलेगी। अगर आज जीते तो कल हार मिलने पर ज्यादा दुख होगा। आज संग्राम सिंह की किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
विज्ञापन

रियल महा 'संग्राम': दो रुपये लेने वाला एक करोड़ जीता

5 of 6
दो रुपये की कुश्ती से शुरू हुए इस सफर में संग्राम ने दक्षिण अफ्रीका में एक करोड़ की चैंपियनशिप जीती। संग्राम आज भले ही बालीवुड नगरी मुंबई में रह रहा हो, लेकिन उसकी दिनचर्या अब भी बचपन की तरह ही है। संग्राम के बड़े भाई संजय दांगी बताते हैं कि सुबह हो या शाम खाने से पहले वह हमेशा एक्सरसाइज करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रियल महा 'संग्राम': दो रुपये लेने वाला एक करोड़ जीता

6 of 6
संग्राम सिंह तीन-चार महीने में एक बार गांव में आते हैं, लेकिन जब भी वह गांव में आते हैं तो अखाड़े में जाना नहीं भूलते। नियमित तौर पर अखाड़े में जाकर वहां आने वाले बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसके साथ-साथ वह खुद भी अखाड़े में जाकर एक्सरसाइज करते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें