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गुड न्यूज: दूध का रिस्क फैक्टर खत्म, बिंदास पीयो अब?

Tue, 21 Jul 2015 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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क्या आप जानते हैं कि दूध में एक ऐसा रिस्क फैक्टर था, जिसके कारण दूध अधिकांश लोग पसंद नहीं करते थे, लेकिन अब वो खत्म हो गया है। दरअसल दोनों राज्यों में गाय के दूध में फैट की मात्रा कम हो गई है। यानी और लो-फैट दूध आम आदमी की सेहत के लिए अधिक हेल्दी हो गया है। रिपोर्ट: हर्ष कुमार सलारिया, चंडीगढ़
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करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) ने एक लंबे सर्वेक्षण के बाद पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में गाय के दूध में मौजूद फैट की मात्रा को 3 से 3.5 फीसदी के बीच पाया है। हालांकि इससे पहले फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) द्वारा तय मानकों के अंतर्गत केवल इन्हीं दो राज्यों में गाय के दूध में फैट की मात्रा देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सर्वाधिक 4 प्रतिशत निर्धारित थी।

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एफएसएसएआई ने अब इसे घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दिया है। एनडीआरआई से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ काफी लंबे समय से गाय के दूध को लेकर एफएसएसएआई द्वारा तय मानकों की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहे थे। एनडीआरआई के निदेशक एके श्रीवास्तव का कहना है कि हमने मांग की है कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अब गाय के दूध में फैट की मात्रा 4 प्रतिशत के स्थान पर 3.5 प्रतिशत तय कर देनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान दोनों राज्यों में बहुत कम मात्रा में 4 प्रतिशत फैट की मात्रा वाला दूध मिला जबकि अधिकांश सैंपलों में फैट की मात्रा 3 से साढ़े तीन फीसदी के बीच ही रही। इसीलिए एफएसएसएआई से यह मांग की गई कि उत्तर भारत के इस क्षेत्र के लिए गाय के दूध में फैट की मात्रा को घटाकर तय किया जाए। उल्लेखनीय है कि देश की कुल गोवंश की संख्या का 5.2 प्रतिशत पंजाब और हरियाणा में है और देश के कुल दूध उत्पादन का 6.7 प्रतिशत पंजाब एवं हरियाणा उपलब्ध कराते हैं।

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इसलिए घट गया दूध में फैट: निदेशक एके श्रीवास्तव का मानना है कि दूध में फैट की मात्रा कम होने के मुख्य कारण इन राज्यों में पशु चारे और पशु नस्लों में बदलाव है। यह बदलाव अब इस स्तर तक हो चुका है कि दूध में फैट की पुरानी मात्रा को हासिल नहीं किया जा सकता। खास बात यह भी है कि इन राज्यों में डेयरी उद्योग के बड़े व्यवसाय का रूप लेने के कारण पशुओं की क्रॉस-ब्रीड भी अधिक होने लगी है।

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लो फैट दूध का सेहत पर असर: गाय के दूध को आयुर्वेद अमृत मानता है और यह भैंस के दूध से कहीं अधिक पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक है। इसकी मुख्य वजह यही है कि इसमें भैंस के दूध के मुकाबले फैट की मात्रा बहुत कम होती है। फैट ही कोलेस्ट्रॉल व मोटापा बढ़ाने का मुख्य कारक माना जाता है। इसलिए अब निश्चिंत होकर दूध पी‌एं।

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