बैंक खुलते ही 500-1000 के नोटों को बदलवाने के लिए लोगों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि बैंक कर्मी भी बोल पड़े बाप रे बाप! तस्वीरें
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नोट बदलने के लिए बैंकों में उमडी भीड़
शहर के हर बैंक की ब्रांच में दिन भर मारामारी रही। कई बैंकों के आगे तो सुबह 7 बजे से ही लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं। लोगों को घंटों लाइनों में लगने के बाद नई करंसी मिली । लेकिन जब नये नोट उनके हाथों में आये तो उनकी सारी थकान खत्म हो गई।
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नोट बदलने के लिए बैंकों में उमडी भीड़
सेक्टर 17 के बैंक स्क्वायर में तो मेले जैसी स्थिति थी। हर बैंक में लोगों की लाइनें लगी हुई थीं। लोग सुबह सुबह से ही बैंकों के आगे खड़े थे। पहले दिन सिर्फ दो हजार का नया नोट ही लोगों को दिया गया। पांच सौ व हजार के नये नोट शीघ्र में मिलने लगेंगे।
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नोट बदलने के लिए बैंकों में उमडी भीड़
वहीं बैंकों की तरफ से भी लोगों की भीड़ को संभालने के लिए व्यवस्था की गई थी। भीड़ संभालने व उनको सुरक्षा प्रदान करने के लिए बैंकों में पुलिस कर्मचारियों को तैनात करना पड़ा। पुलिस विभाग ने हर बैंक पर दो से तीन महिला व पुरुष कर्मचारी तैनात कर दिए थे। जमा करने से ज्यादा नोट बदलने वाले काउंटर पर भीड़ थी।
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नोट बदलने के लिए बैंकों में उमडी भीड़
पहले दिन देखा गया कि बैंकों में लोगों ने अपने खाते में पैसे जमा करने से ज्यादा नोट बदलने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। ज्यादातर बैंकों में नोट बदलने वाले काउंटर पर ही भीड़ थी। खातों में पैसे डालने वाले काउंटर पर कम लोग थे।
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बैंक में भीड़ लगी
सेक्टर 15 की रहने वाली सरला ग्रेवाल ने बताया कि सबसे पहले घर चलाने के लिए पैसों की जरूरत है। उसके बाद खाते में पैसे जमा करवाए जाएंगे। चार- चार हजार रुपये लेकर परिवार के तीन सदस्य लाइन में लगे।
वहीं लोगों की भीड़ से निपटने के लिए बैंकों ने भी पूरे इंतजाम किये हुए थे। लोगों को फार्म बांटने के लिए ही कई लोग लगाए हुए थे। बैंक ऑफ बड़ौदा के एजीएम रमेश बशेर ने बताया कि पहले दिन तो लोगों की बहुत भीड़ थी। भीड़ से निपटने के लिए तीन नए काउंटर खोले गए थे। सुबह से लेकर शाम तक पब्लिक को नोट बदले गए। इस दौरान ज्यादा पुराने नोट बदलने वालों की भीड़ ज्यादा रही।