मधुमक्खियों के एक्टिव होने का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में मधुमक्खियों से कैसे करें अपना बचाव, जानिए विशेषज्ञों से।
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जानिए, मधुमक्खियों के डंक से कैसे करें अपना बचाव?
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विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी का मौसम ब्रीडिंग का आइडियल सीजन होता है। इसे स्वार्मिंग भी कहते हैं। अच्छे-अच्छे फूल खिले होते हैं और खुशनुमा तापमान होता है। इसलिए मधुमक्खियां झुंड के झुंड निकलती हैं।
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जानिए, मधुमक्खियों के डंक से कैसे करें अपना बचाव?
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विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमक्खियां एक छत्ते से दूसरा छत्ता बनाती हैं। वे उन इलाकों में छत्ते बनाती हैं, जहां पेड़ों की संख्या ज्यादा होती है। चंडीगढ़ में काफी संख्या में पेड़ हैं, जिन पर फूल खिले हैं। वे अप्रैल तक कॉलोनी बसाती हैं। इसलिए मधुमक्खियों के काटने के केस ज्यादा आते हैं।
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चंडीगढ़ में चार तरह की हैं मधुमक्खियां 1. एपिस डोरसाटा: ये सबसे बड़ी मधुमक्खी होती है। इसके सबसे बड़े छत्ते होते हैं। चंडीगढ़ में इसके कई सारे छत्ते देखने को मिल सकते हैं। 2. एपिस फ्लोरिया: ये मधुमक्खियां छोटे-छोटे पौधे में छत्ते बनाती हैं। यह साइज में छोटी होती है। चंडीगढ़ में इनकी संख्या भी काफी है। 3. एपिस सेरना: ये मधुमक्खियां अपने छत्ते अंधेर में बनाती हैं। किसी दीवार में, किसी पाइप में इनका छत्ता देखने को मिल सकता है। 4. एपिस मेलीफेरा: मूल रूप से यह इटली की प्रजाति है। साल 1964 में इसे भारत में इंट्रोड्यूस किया गया था। इनके छत्ते छोटे होते हैं।
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जानिए, मधुमक्खियों के डंक से कैसे करें अपना बचाव?
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ऐसे बचें मधुमक्खियों से- इस मौसम में पेड़ों से जुड़ी कोई भी एक्टिविटीज नहीं करें। परफ्यूम व डियो का इस्तेमाल कम करें। रंग-बिरंगी शर्ट-टीशर्ट न पहनें। लाइट कलर के कपड़े पहनें। हो सके तो हाफ बांह की शर्ट को इग्नोर करें। बाहर खड़े होकर नींबू पानी या सोडा पीते समय जरूर देखें कि आसपास मधुमक्खी तो नहीं है। हेलमेट का शीशा बंद कर बाइक ड्राइव करें। कार के शीशे बंद कर ड्राइव करें।
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यदि मधुमक्खियों का झुंड हमला कर दें तो जमीन पर लेट जाना चाहिए। क्योंकि मधुमक्खियों की उड़ान जमीन से थोड़ी ऊपर होती है। इसके अलावा दोनों घुटनों के बीच सिर छुपाकर जमीन पर बैठ जाएं। झटका न दें। बैठे रहें।
मधुमक्खी के डंक को खींचकर न निकालें। नाखूनों से बाहर धकेलें। इससे आसानी से डंक निकल जाता है। मधुमक्खी के काटने वाली जगह पर तुरंत बर्फ लगाएं। इससे बहुत ज्यादा आराम मिलता है। इससे भी राहत न मिले तो डॉक्टर से चेकअप कराएं।